
शशि मिश्रा

गौ मांस तस्करी के आरोप में तोरवा पुलिस ने दो महिलाओं को हिरासत में लिया है । दोनों रिश्ते में मां बेटी है। गौ रक्षको से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने तालापारा निवासी इन दो महिलाओं को हिरासत में लिया। यह दोनों महिलाएं हसदेव एक्सप्रेस से रायपुर से बिलासपुर पहुंची थी। आरोप है कि इनके पास मौजूद ट्रॉली बैग में करीब 10 किलो गौ मांस है।

इधर पकड़ी गई तालापारा निवासी रेहाना और एलिजा यह दावा कर रही थी कि उनके पास मौजूद मांस, गौ मांस नहीं बल्कि बकरे का मटन है । क्योंकि रायपुर में मटन सस्ता है इसलिए वह अपने साथ 10 किलो मटन खरीद कर लाई है।
हालांकि महिलाओं की दलील पुलिस के गले नहीं उतरी। रायपुर और बिलासपुर में मटन की कीमत में कोई अंतर नहीं है। बिलासपुर में मटन 700-800रु किलो बिकता है। रायपुर में भी यही कीमत है। इस हिसाब से पकड़े गए मटन की कीमत करीब ₹8000 होनी चाहिए। एक साथ इतनी भारी मात्रा में कोई भी बिना किसी आयोजन के अपने घर के लिए इतना मटन खरीद कर नहीं लाएगा, इसलिए गौ रक्षको के आरोप सही प्रतीत हुए ।

इसके बाद पुलिस ने दोनों महिलाओं से अलग-अलग पूछताछ की तो महिलाओं ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और बताया कि पकड़ा गया मांस गौ मांस ही है। इधर दोनों महिलाएं फोन पर लगातार किसी और से संपर्क में थी । आशंका जताई जा रही है कि महिलाओं से गौ मांस की तस्करी कोई गैंग करा रहा है इसके पीछे कुछ शातिर अपराधी होंगे। महिलाओं का इस्तेमाल इसलिए किया गया ताकि उन पर आसानी से संदेह ना हो।
इधर महिलाओं की स्वीकारोक्ति के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ फिर दर्ज कर लिया है। इस खुलासे से यह भी स्पष्ट हुआ है कि रायपुर में भी गौ मांस का कारोबार जारी है।
इधर इन महिलाओ के पकड़े जाने पर बड़ी संख्या में गौ रक्षक भी तोरवा थाने पहुंच गए और दोनों महिलाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।
आपको बता दे कि प्रदेश में गौ मांस बिक्री और रखना दोनों प्रतिबंधित है। जानकार बताते हैं कि इसके बावजूद बिलासपुर के कुछ चिन्हित मोहल्ले में धड़ल्ले से गौ मांस की बिक्री होती है और अक्सर बाहर से लाकर भी गौ मांस बेचा जाता है।
