

बिलासपुर। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा ई-व्हीकल खरीदने पर सब्सिडी का प्रावधान भी किया गया है, लेकिन बिलासपुर में मार्च 2024 के बाद से इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले हजारों उपभोक्ताओं को अब तक सब्सिडी का लाभ नहीं मिल पाया है।
क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के अनुसार मार्च 2024 के बाद खरीदे गए करीब 8000 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों को सब्सिडी की राशि नहीं मिली है। इस संबंध में परिवहन विभाग ने फरवरी 2026 में राज्य शासन से लगभग 14 करोड़ रुपए की मांग की है, लेकिन फंड उपलब्ध नहीं होने के कारण अब तक भुगतान नहीं हो सका है।
20 हजार से अधिक ई-वाहनों की बिक्री

नवंबर 2022 से अब तक बिलासपुर में 24 से अधिक डीलरों द्वारा करीब 20 हजार इलेक्ट्रिक वाहन बेचे जा चुके हैं। इनमें मार्च 2024 से पहले आवेदन करने वाले 4041 उपभोक्ताओं को 9.18 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान की गई थी। इसके बाद खरीदे गए वाहनों के लिए भुगतान पूरी तरह से रुका हुआ है।
सब्सिडी की राशि का इंतजार कर रहे कई उपभोक्ता बार-बार डीलरशिप और आरटीओ कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अधिकारियों के पास फंड की अनुपलब्धता के अलावा कोई स्पष्ट जवाब नहीं है।
घट गई सब्सिडी की राशि
राज्य सरकार पहले डेढ़ लाख रुपए से कम कीमत वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर 13 हजार रुपए से अधिक की सब्सिडी प्रदान कर रही थी, जो अब घटकर करीब 10 से 11 हजार रुपए रह गई है।
वहीं केंद्र सरकार की नई योजना के तहत मार्च 2026 से इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर पर 12,500 रुपए और टू-व्हीलर पर 5,000 रुपए तक की सब्सिडी निर्धारित की गई है। हालांकि यह लाभ भी सीमित संख्या के वाहनों के लिए उपलब्ध है।
खरीदते समय करना होता है आवेदन
सब्सिडी प्राप्त करने के लिए वाहन खरीदते समय उपभोक्ताओं को निर्धारित आवेदन पत्र भरकर बैंक खाता, पहचान पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं। डीलर यह जानकारी आरटीओ को भेजते हैं, जिसके बाद सब्सिडी की राशि सीधे उपभोक्ता के खाते में ट्रांसफर की जाती है। लेकिन लंबे समय से भुगतान प्रक्रिया ठप पड़ी हुई है।
चार्जिंग स्टेशन अब भी बड़ी चुनौती
शहर में ई-स्कूटर और ई-रिक्शा की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन चार्जिंग सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। वर्तमान में स्मार्ट रोड स्थित मिट्टीतेल गली में केवल एक सार्वजनिक फ्री चार्जिंग स्टेशन है, जहां 11 चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध हैं। अधिकांश समय इन पर ई-रिक्शा चालकों का कब्जा रहता है, जिससे अन्य वाहन मालिकों को परेशानी होती है।
डीलरों के अनुसार स्थिति
- टीवीएस ने नवंबर 2022 से अब तक करीब 700 इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचे हैं, लेकिन अधिकांश ग्राहकों को राज्य सब्सिडी नहीं मिली।
- बजाज चेतक की लगभग 150 यूनिट बिक्री हुई, जिनमें केवल दो ग्राहकों को राज्य सब्सिडी प्राप्त हुई।
- ओला के एक हजार से अधिक ई-स्कूटर बिक चुके हैं, जिनमें आधे से अधिक उपभोक्ताओं को सब्सिडी मिल चुकी है।
- बॉक्सी ई-रिक्शा के 300 से अधिक वाहन बिके हैं, लेकिन अधिकांश खरीदारों को अब तक सब्सिडी नहीं मिली।
एक महीने तक की वेटिंग
बजाज चेतक शोरूम संचालक के अनुसार कंपनियों से वाहनों की सीमित आपूर्ति के कारण ग्राहकों को एक महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है। अन्य प्रमुख कंपनियों में भी 20 से 30 दिनों की वेटिंग चल रही है।
क्या कहते हैं अधिकारी
आरटीओ बिलासपुर असीम माथुर ने बताया कि मार्च 2024 के बाद खरीदे गए इलेक्ट्रिक वाहनों की सब्सिडी का भुगतान फंड के अभाव में रुका हुआ है। शासन से राशि की मांग की गई है और राशि प्राप्त होते ही पात्र हितग्राहियों के खातों में सब्सिडी ट्रांसफर कर दी जाएगी।
