नृसिंह जन्म उत्सव में भक्तों का उमड़ा जन सैलाब


बिलासपुर से 7 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम हॉफा में देवाधिदेव सिद्ध बघर्रा पाठ भगवान नृसिंह नाथ जी का भव्य मंदिर स्थापित है मंदिर के आचार्य धनेश उपाध्याय जी के द्वारा प्रातः भगवान नृसिंह देव जी का मंत्रों द्वारा पंचामृत से महाअभिषेक के साथ विधि विधान से पूजा अर्चना कर पंडितों द्वारा नृसिंह चालीसा का पाठ एवं जप के साथ दोपहर में रामायणी भक्तों के द्वारा श्री रामचरितमानस पाठ गायन के पश्चात मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य धनेश उपाध्याय जी के निज निवास पर 56 भोग तैयार कर वैदिक मंत्रोच्चारण और पूजा के पश्चात भारी संख्या में भक्तों और पंडितों के साथ भगवान नृसिंह की जय-जयकार करते शंख नाद, बीजघंट, की गूंज के साथ मंदिर के लिए प्रस्थान किए एवं संध्या 6:30 बजे महा आरती में छप्पन भोग पंचमेवा पाग अर्पित कर भंडारा वितरण किया गया।

आचार्य जी ने बताया कि इस भीषण गर्मी में भी भगवान विष्णु के इस उग्र और कल्याणकारी नृसिंह अवतार की पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली हॉफा के बड़े बुजुर्गों ने कहा जिनमें पंडित मोहनलाल दुबे पंडित जुगल किशोर दुबे ने बताया ग्राम में स्थापित देव को कुलदेव के रूप में पूजते हैं पंडित गोपाल प्रसाद तिवारी पंडित गोविंद प्रसाद तिवारी ने बताया हमारे अग्रजो ने बताया था कि जब हमारा गांव जंगलों से चारों तरफ से घिरा हुआ था तब जंगली जानवरों से गांव को भारी जनहानि हुई तब उस समय के बुजुर्गों ने गांव की सीमा पर सिद्ध बघर्रा पाठ के रूप में नृसिंह देव जी की स्थापना की तब जाकर गांव के क्षेत्र से जंगली जानवर निकल जाते थे और गांव में प्रवेश नहीं करते थे गांव में इस प्रकार स्थापित देव शेर ,चीते आदि जंगली जानवरों से बचाकर जनरक्षक के रूप में पूजे जाते रहे ग्राम हॉफा सहित आसपास के ग्रामों के भक्त जनों की मान्यता है यहां विराजित देव भक्तों की सभी मनोकामना पूर्ण करते हैं कोई भी शुभ कार्य करने से पहले गांव के लोग परिवार सहित विघ्न विनाशक के रूप में पूजते हैं ग्रामीण जन सभी मांगलिक कार्य करने से पहले सिद्ध बघर्रा पाठ भगवान नृसिंह नाथ की पूजा कर आशीर्वाद प्राप्त कर सभी कार्य सिद्ध करने की कामना करते हैं संध्या महाआरती में शामिल ग्रामीण एवं शहरी भक्तों की भारी संख्या में उपस्थित होकर छप्पन भोग पंच मेवा का प्रसाद एवं भक्तों द्वारा लगाया गया विशाल भंडारा ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किए

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