

बिलासपुर/नागपुर। ऑनलाइन बेटिंग में भारी नुकसान उठाने के बाद लापता हुआ एक छात्र 52 दिन बाद महाराष्ट्र के नागपुर में सकुशल मिला। पुलिस ने उसे बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। प्रारंभिक पूछताछ में छात्र ने बताया कि वह कर्ज और उधारी के दबाव से घबराकर घर-परिवार से बिना बताए चला गया था।
जानकारी के अनुसार, बिहार के गया जिले का रहने वाला रोहित कुमार बिलासपुर स्थित सीवी रमन यूनिवर्सिटी में बी-फार्मा का छात्र था और विश्वविद्यालय के हॉस्टल में रहता था। 6 मार्च को वह अचानक लापता हो गया। अगले दिन हॉस्टल वार्डन राजा मिश्रा ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। सूचना मिलने पर परिजन भी बिलासपुर पहुंचकर उसकी तलाश में जुट गए।
जांच में सामने आया सट्टे का मामला
कोटा थाना पुलिस ने छात्र के दोस्तों से पूछताछ और कमरे की तलाशी ली, जिसमें ऑनलाइन सट्टा खेलने और उधारी लेने के तथ्य सामने आए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने डॉग स्क्वॉड की मदद ली और छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के अलावा दमोह, मथुरा और वृंदावन तक तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
सायबर ट्रैकिंग से नागपुर में लोकेशन
आखिरकार सायबर सेल की सहायता से छात्र की लोकेशन महाराष्ट्र के नागपुर में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने 26 अप्रैल को वहां पहुंचकर उसे एक सिक्योरिटी एजेंसी में गार्ड की नौकरी करते हुए बरामद किया। दो दिन बाद उसे बिलासपुर लाकर परिजनों को सौंप दिया गया।
फर्जी पहचान बनाकर रह रहा था छात्र
जांच में यह भी सामने आया कि छात्र ने नागपुर पहुंचने के बाद नया सिम कार्ड लिया और ‘अनिल भगत’ नाम से फर्जी फेसबुक आईडी व जीमेल अकाउंट बनाया। वह एक ऑनलाइन गेम के जरिए सट्टा खेल रहा था। पुलिस ने उसी डिजिटल गतिविधि के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रेस की।
40 लाख कमाने का बनाया था लक्ष्य
हॉस्टल रूम से मिले एक रजिस्टर में करीब 40 लाख रुपये का हिसाब दर्ज पाया गया। पूछताछ में छात्र ने बताया कि उसने ऑनलाइन बेटिंग के जरिए 40 लाख रुपये कमाने का लक्ष्य रखा था। इसके लिए उसने विभिन्न बैंकों से कर्ज भी लिया था। उसके बैंक खातों की जांच में 7 लाख रुपये से अधिक के लेन-देन की पुष्टि हुई है।
कर्ज के डर से उठाया कदम
पुलिस के अनुसार, छात्र ने स्वीकार किया है कि लगातार नुकसान और बढ़ते कर्ज के कारण वह मानसिक दबाव में आ गया था और इसी वजह से बिना बताए भाग गया। फिलहाल छात्र सुरक्षित है और पुलिस मामले की आगे जांच कर रही
