बिलासपुर में पेट्रोल-डीजल के लिए भटक रहे वाहन चालक, उधारी और लाइसेंस विवाद से कई पंप प्रभावित


बिलासपुर।
शहर में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर अस्थिर स्थिति बन गई है। विभिन्न कारणों से कई पेट्रोल पंप या तो बंद हैं या आंशिक रूप से आपूर्ति कर पा रहे हैं, जिससे वाहन चालकों को ईंधन के लिए एक पंप से दूसरे पंप तक भटकना पड़ रहा है। हालांकि प्रशासन ने आपूर्ति बाधित होने से इनकार किया है, लेकिन जमीनी स्थिति अलग तस्वीर पेश कर रही है।
उधारी ने रोकी आपूर्ति, पंप पर ताला
पुराना हाईकोर्ट रोड स्थित गंगा फ्यूल्स पिछले तीन दिनों से बंद पड़ा है। पंप परिसर में बेरिकेड्स लगाए गए हैं और यहां पेट्रोल-डीजल की बिक्री पूरी तरह ठप है।
पंप प्रबंधन के अनुसार, ऑयल कंपनियों ने उधार पर ईंधन देना बंद कर दिया है और अब केवल अग्रिम भुगतान पर ही आपूर्ति की जा रही है। पंप संचालक द्वारा पहले से दिया गया उधार बाजार में फंसा हुआ है, जिसके कारण नई सप्लाई मंगाना संभव नहीं हो पा रहा है।
बताया गया कि इस पंप पर प्रतिदिन करीब 4 हजार लीटर पेट्रोल और 1500 लीटर डीजल की बिक्री होती थी।
लाइसेंस विवाद में फंसा देवकीनंदन चौक का पंप
देवकीनंदन चौक स्थित अंतूलाल एंड संस पेट्रोल पंप भी इन दिनों बंद है। पंप का लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो चुका है और नए मालिक के नाम ट्रांसफर की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है।
जानकारी के मुताबिक, यह पंप विमल बुधिया से खरीदा गया है, लेकिन नामांतरण लंबित होने के कारण संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। इस क्षेत्र में स्थित प्रताप चौक का पंप पहले ही बंद हो चुका है, जिससे स्थानीय स्तर पर ईंधन संकट और गहरा गया है।
नेहरू चौक का पंप भी रहा बंद
नेहरू चौक स्थित राजेश पेट्रोल पंप भी हाल ही में तीन दिनों तक बंद रहा। यहां भी भुगतान से जुड़ी समस्याओं के कारण सप्लाई प्रभावित हुई थी। वर्तमान में पंप चालू हो गया है, लेकिन इस घटना ने आपूर्ति व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर किया है।
आउटर क्षेत्रों में भी असर
शहर के आउटर इलाकों में स्थित पेट्रोल पंप भी बीच-बीच में “ड्राई” हो रहे हैं। समय पर भुगतान न होने और सप्लाई में देरी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो रही है।
हाईकोर्ट क्षेत्र में पेट्रोल-डीजल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष नवदीप सिंह अरोरा के पंप पर भी हाल में ईंधन समाप्त हो गया था, जहां अभी भी डीजल की उपलब्धता सामान्य नहीं हो पाई है।
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच बढ़ी सतर्कता
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के चलते पेट्रोल-डीजल आपूर्ति को लेकर अफवाहें भी तेज हुई हैं। हालांकि ऑयल कंपनियों और प्रशासन का कहना है कि सप्लाई चेन प्रभावित नहीं हुई है और डिपो से नियमित आपूर्ति की क्षमता बनी हुई है।
कंपनियों का तर्क है कि कई बार मांग या भुगतान में देरी के कारण सप्लाई बाधित होती है, लेकिन सामान्यतः अगले दिन आपूर्ति बहाल हो जाती है।
प्रशासन ने दी सफाई
फूड कंट्रोलर अमृत कुजूर ने स्थिति को सामान्य बताते हुए कहा कि जिले में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। प्रशासन ऑयल कंपनियों के लगातार संपर्क में है और सभी पेट्रोल पंपों की मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि आपूर्ति सुचारु बनी रहे।


बिलासपुर में ईंधन संकट तकनीकी और प्रबंधन संबंधी कारणों से उत्पन्न हो रहा है, न कि वास्तविक कमी से। बावजूद इसके, आम उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी यह संकेत देती है कि वितरण व्यवस्था में सुधार और समन्वय की तत्काल आवश्यकता है।

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