
बिलासपुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन वितरण में बिलासपुर जिला प्रदेश में 16वें स्थान पर पहुंच गया है। हालांकि स्थिति राजधानी रायपुर से बेहतर है, फिर भी जिले का टॉप-10 से बाहर रहना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए अब उचित मूल्य दुकानों को देर रात तक खोला जा रहा है।
खाद्य विभाग के अनुसार, अप्रैल, मई और जून—तीन माह के लिए जिले को 4 लाख 86 हजार 846 क्विंटल चावल आवंटित किया गया है। इसमें से करीब 75 प्रतिशत चावल दुकानों तक पहुंच चुका है, जबकि शेष स्टॉक गोदामों में उपलब्ध है। वर्तमान में रोजाना औसतन 17,587 परिवारों को राशन वितरित किया जा रहा है।
आंकड़ों के मुताबिक, जिले के कुल 5 लाख 56 हजार 463 राशन कार्डधारियों में से अब तक 50.56 प्रतिशत को राशन मिल चुका है, जबकि 2 लाख 75 हजार 73 परिवारों को अभी वितरण बाकी है। 13 अप्रैल तक यह आंकड़ा 37 प्रतिशत था, जिसमें पिछले तीन दिनों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
रात 8-9 बजे तक खुल रहीं दुकानें
वितरण की रफ्तार बढ़ाने के लिए शहर के कई उचित मूल्य दुकानों को रात 8 से 9 बजे तक खोला जा रहा है। इस अतिरिक्त समय का खर्च दुकानदार स्वयं वहन कर रहे हैं। खाद्य विभाग का लक्ष्य है कि अगले 14 दिनों में शेष सभी हितग्राहियों तक राशन पहुंचाया जाए।
विभिन्न श्रेणियों में वितरण
अंत्योदय कार्डधारियों को 105 किलो चावल दिया जा रहा है, जबकि प्राथमिकता श्रेणी में एक सदस्य पर 30 किलो, दो सदस्यों पर 60 किलो और तीन सदस्यों पर 105 किलो चावल वितरित किया जा रहा है। अन्य खाद्यान्न केवल एक माह के लिए दिए जा रहे हैं।
मैदान में दिखी भीड़, समय से पहले पहुंच रहे लोग
मंगला के अभिषेक नगर सहित कई क्षेत्रों में हितग्राही सुबह दुकान खुलने से पहले ही पहुंचकर लाइन में लग रहे हैं। कुछ स्थानों पर दोपहर की तेज गर्मी के कारण दुकानें बंद रखी जाती हैं और शाम को पुनः वितरण शुरू होता है। वहीं भाटिया रेसिडेंसी क्षेत्र में दुकान रात 8 बजे तक संचालित होती रही।
तकनीकी समस्याएं भी आईं सामने
जूना बिलासपुर क्षेत्र में सर्वर डाउन होने की समस्या के चलते वितरण प्रभावित हुआ। यहां सुबह कार्ड जमा कर शाम को राशन दिया जा रहा है। हितग्राहियों को बायोमेट्रिक प्रक्रिया में भी कई बार प्रयास करना पड़ रहा है।
अन्य जिलों से तुलना
राज्य में राशन वितरण में राजनांदगांव (64.55%) पहले और बालोद (60.46%) दूसरे स्थान पर हैं। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कांकेर और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जैसे जिले भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रशासन का दावा
फूड कंट्रोलर अमृत कुजूर ने बताया कि अभी 14 दिन शेष हैं और आधे से अधिक कार्डधारियों को राशन वितरित किया जा चुका है। सामान्यतः 90-91 प्रतिशत हितग्राही ही राशन लेते हैं, ऐसे में शेष अवधि में लक्ष्य पूरा होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि निगरानी बढ़ाते हुए वितरण प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है।
