
बिलासपुर। पुणे-बिलासपुर एक्सप्रेस में रविवार को एक यात्री की चालाकी और टीटीई से विवाद का अनोखा मामला सामने आया। बिना वैध टिकट के एसी कोच में सफर कर रहे यात्री ने पेनल्टी से बचने के लिए अपना सामान छोड़कर भागने के बाद रेल मदद ऐप पर झूठी शिकायत दर्ज करा दी।
जानकारी के अनुसार, हार्दिक नामक यात्री एसी कोच में बिना टिकट यात्रा कर रहा था। उसके पास करीब 25 किलो वजनी बैग भी था। जांच के दौरान टीटीई ने उसे पकड़ लिया और नियम अनुसार पेनल्टी जमा करने को कहा। जुर्माना भरने से बचने के लिए यात्री अपना बैग वहीं छोड़कर जनरल कोच की ओर भाग गया।
इसके बाद यात्री ने रेल मदद ऐप पर शिकायत दर्ज कर दी कि कोच अटेंडर उसका सामान जब्त कर विवाद कर रहा है। बिलासपुर स्टेशन पर आरपीएफ उप निरीक्षक एस.के. मरावी और उनकी टीम ने मामले की जांच की। पूछताछ में अटेंडर अमित गिरी ने बताया कि यात्री पेनल्टी से बचने के लिए खुद ही सामान छोड़कर चला गया था।
जांच में शिकायत झूठी पाई गई। टीटीई ने नियमों के तहत पेनल्टी जमा किए बिना सामान देने से मना किया था। आरपीएफ ने बैग को जब्त कर सुरक्षित रखा और बाद में यात्री के आने पर उसे सुपुर्द कर दिया। बैग में करीब 3,250 रुपए का सामान था।
गीतांजलि एक्सप्रेस में छूटा बैग भी मिला
इसी दौरान एक अन्य मामले में गोंदिया निवासी रेव चंद्र पटेल का पिट्टू बैग गीतांजलि एक्सप्रेस के जनरल कोच में छूट गया था। आरपीएफ ने बिलासपुर स्टेशन पर बैग बरामद कर यात्री को सुरक्षित वापस सौंप दिया।
आरपीएफ ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की झूठी शिकायत करने से बचें।
