

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर की रहने वाली और महाकुंभ के दौरान वायरल हुई ‘मोनालिसा’ उर्फ मोनालिसा भोसले के मामले में नया मोड़ सामने आया है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में युवती के नाबालिग होने का पता चला है, जिसके बाद पूरे मामले ने कानूनी और सामाजिक रूप से गंभीर रूप ले लिया है।
क्या है पूरा मामला
मोनालिसा भोसले महाकुंभ के दौरान अपनी “बिल्लौरी आंखों” और साधारण जीवनशैली के कारण सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी। वह रुद्राक्ष माला आदि बेचने का काम करती थी और इसी दौरान कई यूट्यूबर्स के माध्यम से चर्चा में आई। इसके बाद वह रातों-रात सितारा बन गई और एक फिल्म में उसे भूमिका भी मिल गई। कहते हैं इसी दौरान वह फरमान खान के संपर्क में आई। जिसने उसे लव जिहाद का शिकार बनाया और उसके साथ निकाह कर लिया ।
आरोप इसलिए भी लगे क्योंकि ना तो लड़के का केरल से कोई संबंध था ना लड़की का लेकिन दोनों ने केरल जाकर निकाह किया, जहां बड़े-बड़े वीआईपी उनके निकाह में शामिल हुए । इतना ही नहीं लड़के की माली हालत साइकिल पर चलने की नहीं है लेकिन वह मोनालिसा को लेकर हवाई यात्रा करता है। बड़े-बड़े होटलों में ठहरता है, जिससे इस दावे को बल मिला कि लवजिहाद के लिए उसकी फंडिंग हो रही है ताकि मोनालिसा को लव जिहाद का पोस्टर गर्ल बनाया जा सके।
इधर से निकाह के बाद विक्टिम कार्ड खेलते हुए मोनालिसा ने अपने ही माता-पिता पर गंभीर आरोप लगा दिए ।इतना ही नहीं खुद को पाक साफ बताने के लिए उसने राधा और कृष्ण का नाम लेकर भी अजीबोगरीब बयान दिये जिससे उसकी हर तरफ आलोचना होने लगी।
परिवार का विरोध और शिकायत
परिवार ने इस विवाह का विरोध किया और मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई। अधिवक्ता प्रथम दुबे ने 17 मार्च 2026 को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग में शिकायत प्रस्तुत की। इसके बाद आयोग के निर्देश पर एक जांच टीम गठित की गई, जिसने महेश्वर से लेकर केरल तक दस्तावेजों और तथ्यों की पड़ताल की।
जांच में क्या सामने आया
जांच के दौरान महेश्वर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रिकॉर्ड में युवती की जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 पाई गई। इस आधार पर 11 मार्च 2026 को हुए विवाह के समय उसकी उम्र लगभग 16 वर्ष बताई गई।
इसके अलावा, केरल में विवाह पंजीयन के दौरान प्रस्तुत जन्म प्रमाण पत्र में अलग जन्मतिथि दर्ज पाई गई, जिसे जांच टीम ने संदिग्ध माना। आयोग ने संबंधित दस्तावेजों को निरस्त कराने की अनुशंसा भी की है।
FIR और कानूनी कार्रवाई
आयोग की अनुशंसा के बाद महेश्वर थाने में फरमान खान के खिलाफ अपहरण, नाबालिग से संबंधित अपराध, पॉक्सो एक्ट (POCSO) और एससी/एसटी अत्याचार अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
इंदौर रेंज के आईजी ने भी पुष्टि की है कि प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और आगे की विवेचना जारी है।
अन्य पहलू भी जांच के दायरे में
इस मामले में कुछ संगठनों और व्यक्तियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। संबंधित पक्षों की ओर से भी अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
महाकुंभ से शुरू हुई एक वायरल कहानी अब गंभीर कानूनी मामले में बदल गई है। नाबालिग होने के दावे, दस्तावेजों में अंतर और FIR दर्ज होने के बाद यह मामला आने वाले समय में और अधिक चर्चा में रह सकता है। फिलहाल सभी की नजरें पुलिस जांच और आयोग की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं।
