
बिलासपुर। जमीन डायवर्सन की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब भू-स्वामी खुद ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और 15 दिनों के भीतर निर्णय अनिवार्य होगा। यदि तय समयसीमा में फैसला नहीं होता है तो 16वें दिन आवेदन स्वतः स्वीकृत (ऑटो अप्रूवल) हो जाएगा।
चार महीने पहले जारी नोटिफिकेशन के बाद अब जिले में ऑनलाइन डायवर्सन प्रक्रिया शुरू हो गई है। राजस्व विभाग के पोर्टल पर अब तक 25 आवेदन भी प्राप्त हो चुके हैं। नई व्यवस्था लागू होने से वर्षों से चली आ रही जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आया है।
अब नहीं लगाने होंगे तहसील के चक्कर
नई प्रणाली के तहत पूरी प्रक्रिया डिजिटल कर दी गई है। इससे आवेदकों को तहसील कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और बिचौलियों की भूमिका भी लगभग खत्म हो जाएगी। पहले जहां डायवर्सन में औसतन 3 महीने तक लग जाते थे, वहीं अब 15 दिन में फैसला सुनिश्चित किया गया है।
क्या है नई व्यवस्था की खासियत
आवेदन के 15 दिन के भीतर निर्णय अनिवार्य
समयसीमा पार होने पर 16वें दिन स्वतः स्वीकृति
पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी
आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक करने की सुविधा
बिचौलियों की भूमिका समाप्त
रियल एस्टेट और निर्माण कार्यों को मिलेगा बढ़ावा
डायवर्सन में देरी के कारण जमीन की खरीदी-बिक्री और निर्माण कार्य लंबे समय से प्रभावित हो रहे थे। कई बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट भी अटके हुए थे। नई व्यवस्था लागू होने से इन परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
कैसे करें ऑनलाइन आवेदन
डायवर्सन के लिए इच्छुक भू-स्वामी राजस्व विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं—
revenue.cg.nic.in पर जाएं
नागरिक के रूप में पंजीकरण कर लॉगिन करें
“ऑनलाइन डायवर्सन/व्यपवर्तन” विकल्प चुनें
जमीन का विवरण (जिला, तहसील, खसरा आदि) भरें
आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें
ऑनलाइन शुल्क जमा कर आवेदन सबमिट करें
आवेदन के बाद एक यूनिक क्रमांक मिलेगा, जिससे पूरी प्रक्रिया को ट्रैक किया जा सकेगा।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
एसडीएम बिलासपुर मनीष साहू के अनुसार, “ऑनलाइन डायवर्सन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक लोग अब सीधे पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।”
वहीं क्रेडा अध्यक्ष सुशील पटनायक ने बताया कि कॉलोनाइजर्स के लिए अलग से एसओपी जल्द जारी की जाएगी, जिससे बड़े प्रोजेक्ट्स को और स्पष्ट दिशा मिल सकेगी।
नई व्यवस्था से न सिर्फ आम लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि जिले में विकास कार्यों और निवेश को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
