बिलासपुर: निजी स्कूलों को अब दिखानी होगी मान्यता, कलेक्टर सख्त—डीईओ से मांगी रिपोर्ट


बिलासपुर। जिले में निजी स्कूलों द्वारा मान्यता को लेकर किए जा रहे दावों और भ्रम की स्थिति पर अब प्रशासन सख्त हो गया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने निर्देश दिए हैं कि सभी निजी स्कूल अपने परिसर में मान्यता प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें, ताकि अभिभावकों को सही जानकारी मिल सके।
कलेक्टोरेट के मंथन सभा कक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा (टीएल) बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि कई स्कूल खुद को सीबीएसई से संबद्ध बताते हैं, जबकि उनके पास केवल राज्य बोर्ड की मान्यता होती है या प्रक्रिया अधूरी रहती है। ऐसे में अब हर स्कूल को स्पष्ट रूप से यह उल्लेख करना होगा कि वह छत्तीसगढ़ बोर्ड से संबद्ध है या सीबीएसई से।
कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को निर्देशित किया कि वे जिले के सभी निजी स्कूलों का रिकॉर्ड जांचें और यह सुनिश्चित करें कि हर स्कूल ने अपना मान्यता प्रमाण पत्र सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया है या नहीं। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
दीर्घकालीन विकास के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश
बैठक में कलेक्टर ने आगामी 20-30 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों के लिए डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्माण कार्य से पहले स्थल का निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए और वहां तक पहुंच मार्ग की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
साथ ही उन्होंने सरकारी निर्माण एजेंसियों को सूखे तालाबों से मिट्टी और मुरूम उठाने तथा अवैध उत्खनन पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पीएम आवास योजना और जल जीवन मिशन के कार्यों को भी तेजी से पूरा करने को कहा गया।
हर शनिवार तहसील में लगेगा जनसमस्या निवारण शिविर
कलेक्टर ने निर्देश दिया कि अब प्रत्येक शनिवार को तहसील स्तर पर जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।


जनदर्शन में उठे कई अहम मुद्दे
मंगलवार को आयोजित जनदर्शन में तखतपुर विकासखंड के ग्राम विजयपुर के ग्रामीणों ने प्राथमिक शाला के प्रधान अध्यापक भरत ध्रुव को हटाने की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वे शराब के नशे में स्कूल आते हैं, दुर्व्यवहार करते हैं और पढ़ाई में लापरवाही बरतते हैं। कलेक्टर ने डीईओ को जांच कर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा मेण्ड्रा गांव में पेयजल समस्या, बेलतरा तहसील के बाम्हू निवासी परसराम द्वारा पीएम आवास की किश्त नहीं मिलने, तथा ग्राम ऊनी की किरण वैष्णव द्वारा पति व बेटे की करंट लगने से मौत पर मुआवजे की मांग जैसे मामले भी सामने आए। सिंघरी के एक ग्रामीण ने अवैध कब्जे के कारण रास्ता बंद होने की शिकायत की।
कलेक्टर ने सभी मामलों में संबंधित विभागों को जांच कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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