

बिलासपुर। कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद जिले में इसका असर लगातार बना हुआ है। पिछले 16 दिनों से चिकन और अंडे का कारोबार पूरी तरह ठप है, जिससे व्यवसायियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिसके बाद ही प्रतिबंध हटाने पर फैसला लिया जाएगा।
केंद्र सरकार की विशेषज्ञ टीम लगातार दूसरे दिन भी जिले में मौजूद रही। मंगलवार को टीम ने जिला अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों के साथ बैठक की और आइसोलेशन वार्ड, दवाओं व इलाज की तैयारियों का जायजा लिया। इसके बाद टीम ने कलेक्टर संजय अग्रवाल से मुलाकात कर सुरक्षा उपायों पर चर्चा की। विशेषज्ञों ने पोल्ट्री फार्म में साफ-सफाई और सेनेटाइजेशन को और सख्त करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने पोल्ट्री फार्म के आसपास 10 किलोमीटर के दायरे को निगरानी क्षेत्र घोषित किया है। बुधवार से विशेष टीम इस क्षेत्र के अन्य पोल्ट्री फार्मों की जांच शुरू करेगी। संचालकों से चर्चा कर मुर्गियों की सेहत का आकलन किया जाएगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर चिकन और अंडों की बिक्री पर लगे प्रतिबंध को हटाने या जारी रखने का निर्णय लिया जाएगा।
कारोबार पर भारी असर, करोड़ों का नुकसान
बर्ड फ्लू के कारण जिले का पोल्ट्री व्यापार पूरी तरह ठप हो गया है। बिलासपुर पोल्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष विपुल विश्वास के मुताबिक अब तक करीब 1.5 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। दुकानों में ताले लटके हैं, जबकि पोल्ट्री संचालकों पर दाना-पानी का खर्च लगातार बढ़ रहा है। नवरात्र के चलते पहले से ही कारोबार प्रभावित था, ऐसे में बर्ड फ्लू ने स्थिति और खराब कर दी है।
होटल-रेस्टोरेंट भी प्रभावित, जनप्रतिनिधियों से लगाई गुहार
चिकन और अंडे की सप्लाई बंद होने से होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मेन्यू से नॉनवेज व्यंजन हटने के कारण ग्राहकों की संख्या घट गई है और कई होटलों में सन्नाटा पसरा है। परेशान व्यापारियों ने नगर विधायक अमर अग्रवाल से मुलाकात कर राहत की मांग की है, हालांकि उन्हें जांच रिपोर्ट आने तक इंतजार करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि अगले 1-2 दिनों में रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी और आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।
