हनुमान जन्मोत्सव पर बिलासपुर भक्तिमय: 101 लीटर दूध से अभिषेक, 1100 दीपों से महाआरती, शहरभर में हजारों स्थानों पर भंडारे

बिलासपुर। हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर गुरुवार को पूरा शहर भक्ति में डूबा नजर आया। 11 साल बाद हस्त नक्षत्र और ध्रुव योग के विशेष संयोग में मनाए गए इस पर्व पर शहर के सभी हनुमान मंदिरों में सुबह 4 बजे से ही पूजा-अर्चना शुरू हो गई। मंदिरों को फूलों और आकर्षक लाइटों से सजाया गया, जहां दिनभर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।


शहर में ऐसा भक्तिमय और भव्य नजारा देखने को मिला, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया। जगह-जगह भंडारे लगाए गए, जहां खिचड़ी, पूरी-सब्जी, पुलाव, शरबत, लस्सी, छाछ और आइसक्रीम तक वितरित की गई। हजारों स्थानों पर भंडारे आयोजित किए गए, जहां श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते नजर आए।

101 लीटर दूध से अभिषेक, 1100 दीपों से महाआरती

तिलक नगर दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में भगवान हनुमान का 101 लीटर दूध से अभिषेक किया गया। वहीं पुराना बस स्टैंड स्थित 51 फीट हनुमान प्रतिमा के सामने 1100 दीप जलाकर भव्य महाआरती की गई। विभिन्न मंदिरों में दुग्धाभिषेक, घृत अभिषेक, चोला चढ़ाने और हवन-पूजन जैसे आयोजन संपन्न हुए।

पुराना हाईकोर्ट, गोलबाजार, जूना बिलासपुर सहित हर क्षेत्र में आयोजन

पुराना हाईकोर्ट स्थित हनुमान मंदिर में सीताराम सेवा समिति द्वारा विशेष पूजा-अर्चना और आरती की गई, इसके बाद सुंदरकांड पाठ और भंडारा आयोजित हुआ।
गोलबाजार दक्षिणमुखी संकटमोचन हनुमान मंदिर में महाआरती, हवन, सुंदरकांड पाठ और भंडारा संपन्न हुआ।
सीएमडी चौक स्थित दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में विशेष पूजा और भंडारा किया गया।
सरकंडा रामसेतु चौक में सामूहिक सुंदरकांड महापाठ, हनुमान चालीसा और राम स्तुति का आयोजन हुआ।


लालखदान स्थित बड़े हनुमान मंदिर में हवन-पूजन और भंडारा किया गया।

सिद्धपीठ केंवटपारा में उमड़ी आस्था

जूना बिलासपुर के केंवटपारा स्थित सिद्धपीठ बजरंगबली मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना हुई। मंदिर के पुजारी अजय ताम्रकार के अनुसार यहां विराजित हनुमान और नरसिंह नाथ की प्रतिमाएं स्वयं प्रकट हुई मानी जाती हैं, जिससे यह स्थल श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है।

जेल चौक से तिलक नगर तक 4 दिन के आयोजन

जेल चौक हनुमान मंदिर में 2 से 7 अप्रैल तक पूजा-अर्चना, भोग और भंडारा का आयोजन शुरू हो गया है।
तिलक नगर राम मंदिर में विशेष पूजा, सुंदरकांड पाठ और महाआरती की गई, वहीं आगामी दिनों में भजन संध्या और हवन के कार्यक्रम भी रखे गए हैं।

शहर में निकली भव्य शोभायात्राएं

धर्म जागृति मंच द्वारा 36वें वर्ष भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो बुधवारी बाजार स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर से शुरू होकर गुरुनानक चौक, सिटी कोतवाली, तेलीपारा, सीएमडी चौक, तारबहार होते हुए खुदीराम बोस चौक पहुंचकर संपन्न हुई।

वहीं बोल बम सेवा समिति द्वारा नया चौक देवरीखुर्द से निकली शोभायात्रा तोरवा चौक, जगमल चौक, गांधी चौक, जूना बिलासपुर होते हुए देवकीनंदन चौक में समाप्त हुई।

भक्ति और शक्ति का अद्भुत संगम

रुद्र के 11वें अंश अवतार माने जाने वाले भगवान हनुमान की भक्ति में पूरा शहर डूबा नजर आया। श्रद्धालुओं ने उन्हें बल, बुद्धि और विद्या के दाता के रूप में स्मरण करते हुए पूजा-अर्चना की।
बिलासपुर में सर्वाधिक हनुमान मंदिर होने के कारण हर गली-मोहल्ले में भक्ति का वातावरण रहा, जहां विधि-विधान से पूजा, भजन और भंडारे आयोजित किए गए।

हनुमान जन्मोत्सव पर उमड़ी आस्था और भक्ति का यह विराट रूप शहरवासियों के लिए अविस्मरणीय बन गया।

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