
यूनुस मेमन

बिलासपुर। कोटा थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलगहना चौकी पुलिस ने घातक हथियारों के साथ लूट के प्रयास के मामले में दो आरोपियों को चंद घंटों के भीतर गिरफ्तार कर बड़ी घटना को टाल दिया। आरोपियों के कब्जे से धारदार चाकू और बिना नंबर की मोटरसाइकिल जब्त की गई है।
पुलिस के अनुसार, 1 अप्रैल की रात करीब 10:30 बजे हरिल साय टोप्पों अपने साथियों निलिमा तिर्की और रामप्यारी तिर्की के साथ गनियारी से मरीज को अस्पताल में भर्ती कराकर कार से ग्राम विचारपुर लौट रहे थे। इसी दौरान बेलगहना-कोनचरा मार्ग पर नीलगिरी प्लांट के पास सुनसान जंगल में बिना नंबर की मोटरसाइकिल सवार दो युवकों ने उनकी कार को रोकने की कोशिश की और चाकू दिखाकर रास्ता अड़ाया।
डरे हुए कार चालक ने वाहन तेज गति से निकाल लिया, लेकिन आरोपी करीब 7 किलोमीटर तक पीछा करते हुए विचारपुर गांव तक पहुंच गए। वहां उन्होंने कार सवारों को रोककर चाकू के बल पर जान से मारने की धमकी देते हुए लूट का प्रयास किया। इसी बीच ग्रामीणों के पहुंचने पर आरोपी मौके से फरार हो गए और अपनी मोटरसाइकिल वहीं छोड़कर भाग निकले।

घटना के बाद पीड़ितों ने भयवश तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई, लेकिन 2 अप्रैल को हरिल साय टोप्पों ने चौकी बेलगहना में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर चौकी प्रभारी उप निरीक्षक हेमंत सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कुछ ही घंटों में दोनों आरोपियों—सिद्धांत पांडे उर्फ राज पांडे (20) निवासी गंगानगर बेलगहना और राजकुमार पोर्ते उर्फ सोनू (20) निवासी करवा बेलगहना—को घेराबंदी कर पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया।
आरोपियों के पास से एक खंजरनुमा धारदार चाकू और एक स्टील का फोल्डिंग चाकू जब्त किया गया है। दोनों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी सिद्धांत पांडे का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है, जिसमें पोक्सो और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामले शामिल हैं।
पुलिस ने घटना के दौरान साहस दिखाने वाले ग्रामीणों की सराहना की है, जिनकी वजह से एक बड़ी वारदात टल गई। इस कार्रवाई में बेलगहना चौकी स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका
