

बिलासपुर। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार तखतपुर और कोटा क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है। बिजली विभाग ने तिफरा बिजली संभाग का विभाजन कर सकरी में नया बिजली संभाग शुरू कर दिया है। इस फैसले से अब उपभोक्ताओं को बिजली से जुड़े कामों के लिए दूरस्थ जिलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद 2013 में मुंगेली और 2020 में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को अलग जिला बनाया गया था, लेकिन बिजली विभाग की व्यवस्था में बदलाव नहीं हुआ था। तिफरा संभाग से ही कोटा, तखतपुर और बेलतरा क्षेत्र के गांवों के कार्य संचालित होते थे, जिससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती थी। अब करीब 13 साल बाद यह व्यवस्था बदली गई है।
344 गांव होंगे लाभान्वित
नए सकरी संभाग में तखतपुर, कोटा और बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के कुल 344 गांवों को शामिल किया गया है। इनमें तखतपुर के 178, कोटा के 164 और बिल्हा-बेलतरा क्षेत्र के करीब 10 गांव शामिल हैं। प्रशासनिक रूप से इसे सकरी, कोटा, रतनपुर और तखतपुर—चार उपसंभागों में बांटा गया है, जहां 11 वितरण केंद्र संचालित होंगे।
अब नहीं लगाना पड़ेगा लंबा चक्कर
पहले तखतपुर क्षेत्र के करीब 70 गांवों के लोगों को बिजली संबंधी कार्यों के लिए मुंगेली जाना पड़ता था, जो लगभग 65 किलोमीटर दूर है। वहीं कोटा क्षेत्र के 93 गांवों के उपभोक्ताओं को पेंड्रा तक करीब 100 किलोमीटर का सफर करना पड़ता था। अब सकरी में ही सभी कार्य होने से समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
लोकार्पण कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
सकरी में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में तखतपुर विधायक डॉ. धर्मजीत सिंह, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी और बिजली कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
बिजली बिल समाधान योजना में उपभोक्ताओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना 2026 के तहत पूर्ण भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को सम्मानित किया गया। शिविर में 44 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कर लगभग 2.33 लाख रुपये का भुगतान किया।
अधिकारियों के अनुसार, नए संभाग में 2 बड़े 132/33 केवी और 28 छोटे 33/11 केवी उपकेंद्र संचालित होंगे, जिससे क्षेत्र में बिजली व्यवस्था और बेहतर होगी।
सकरी में बिजली संभाग खुलने को क्षेत्र के विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा और विभागीय कामकाज भी अधिक सुचारू हो
