
आकाश मिश्रा

बिलासपुर शहर के तेलीपारा मेन रोड पर नियम-कायदों की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं और जिम्मेदार विभाग तमाशबीन बना हुआ है। “सपना चश्मा घर” के संचालक ने एक बार फिर नगर निगम अतिक्रमण विभाग के मुंह पर तमाचा मारते हुए अपना अवैध विज्ञापन बोर्ड उसी जगह टांग दिया, जहां से इसे पहले हटाया गया था।
बताया जाता है कि निगम की टीम ने कुछ समय पहले बड़ी कार्रवाई करते हुए इस बोर्ड को हटवाया था और सड़क पर गाड़े गए खतरनाक लोहे के एंगल को निकालने के निर्देश भी दिए थे। उस वक्त दुकानदार ने हामी तो भर ली, लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया—जैसे नियम सिर्फ दिखावे के लिए हों।
हकीकत यह है कि सड़क पर लगे इन लोहे के एंगल से कई लोग चोटिल हो चुके हैं और कई गाड़ियों के टायर तक फट चुके हैं। शिकायत करने पर दुकानदार बड़ी सफाई से “कल निकाल देंगे” का झुनझुना थमा देता है और हर बार जिम्मेदारी से बच निकलता है।

अब एक बार फिर उसी स्थान पर अवैध बोर्ड लगने से यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर निगम की कार्रवाई का असर कहां है? क्या नियम सिर्फ आम लोगों के लिए हैं? या फिर यहां कोई “खास संबंध” काम कर रहा है?
स्थानीय लोगों में इस पूरे मामले को लेकर जबरदस्त नाराजगी है। उनका कहना है कि जब तक निगम सख्त और ठोस कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक ऐसे धूर्त तत्व नियमों को इसी तरह ठेंगा दिखाते रहेंगे और आम जनता यूं ही चोट खाती रहेगी।
