
बिलासपुर। जिले के ग्राम पंचायत पेंडरवा के आश्रित ग्राम लक्षनपुर में मुरुम खनन को लेकर विवाद गहरा गया है। सरपंच ने कोटवार पर अवैध उत्खनन और मनमानी वसूली के आरोप लगाते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल से शिकायत की है।
जानकारी के अनुसार, गांव के कोटवार लक्ष्मीदास पिछले दो माह से जमीन समतलीकरण की अनुमति के नाम पर मुरुम की खुदाई करा रहा है। आरोप है कि इस दौरान मुरुम को बाजार में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां प्रति हाइवा लगभग 960 रुपए रॉयल्टी तय है, वहीं उनसे 2500 रुपए तक वसूले जा रहे हैं। उचित मूल्य दुकान के सामने गड्ढा पाटने के लिए संचालक से तीन ट्रिप के 7500 रुपए लेने की भी बात सामने आई है।
शिकायत के बाद जब मामला तहसीलदार तक पहुंचा, तो कोटवार ने खनिज विभाग से जमीन समतलीकरण के नाम पर रॉयल्टी पर्ची जारी करवा ली। इसके बाद भी खुदाई जारी है और अब तक 6-7 फीट गहरी खुदाई की जा चुकी है। मौके पर पोकलेन और हाइवा मशीनें भी लगी हुई हैं। बताया जा रहा है कि इस काम में गोंदड्या निवासी दीपक साहू भी सहयोग कर रहा है।
इस मामले में माइनिंग इंस्पेक्टर राजू यादव का कहना है कि करीब एक माह पहले खेती की जमीन समतल करने के लिए 30 दिन की अनुमति दी गई थी, जिसमें प्रति घनमीटर 80 रुपए रॉयल्टी निर्धारित है, लेकिन अब तक रॉयल्टी जमा नहीं हुई है।
वहीं कोटवार लक्ष्मीदास का कहना है कि उसने केवल जमीन समतलीकरण का काम दिया है और मुरुम की बिक्री से उसका कोई लेना-देना नहीं है।
इधर सरपंच अंजनी बैगा ने आरोप लगाया है कि शिकायत के बावजूद खुदाई बंद नहीं की गई और जब उन्होंने विरोध किया तो कोटवार के बेटे द्वारा धमकी दी गई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
