सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए बढ़ी जागरूकता, स्वास्थ्य केंद्रों में चलाया जा रहा टीकाकरण अभियान, यू-विन पोर्टल के माध्यम से स्वयं पंजीकरण की सुविधा


बिलासपुर, 14 मई 2026/जिले में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से चलाया जा रहा एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में संचालित इस विशेष अभियान के प्रति अब लोगों में जागरूकता बढ़ने लगी है। बड़ी संख्या में किशोरियां अपने अभिभावकों के साथ स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचकर एचपीवी वैक्सीन लगवा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इसे आने वाली पीढ़ी की बेटियों को गंभीर बीमारी से सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया है।
जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में एचपीवी टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। इनमें पीएचसी बेलगहना, टेंगनमाड़ा, बेलतरा, लखराम, चकरभाठा, करगीकला, पचपेड़ी, सीपत, सीएचसी बिल्हा, कोटा, मस्तूरी, रतनपुर एवं तखतपुर सहित जिला अस्पताल बिलासपुर और अर्बन पीएचसी गांधी चौक, बंधवापारा, देवरीखुर्द एवं राजकिशोर नगर शामिल हैं। टीकाकरण के लिए यू-विन पोर्टल https://uwinselfregistration.mohfw.gov.in/login⁠ के माध्यम से ऑनलाइन सेल्फ रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध है। अभिभावक एवं पात्र किशोरियां घर बैठे पंजीकरण कर सकती हैं। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा गढ़ेवाल ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा है कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में तेजी से बढ़ रही गंभीर बीमारियों में शामिल है, लेकिन समय पर एचपीवी वैक्सीन लगवाकर इससे काफी हद तक बचाव संभव है। उन्होंने अभिभावकों से अपनी बेटियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समय में टीकाकरण कराने की अपील की है। साथ ही लोगों से अफवाहों और भ्रांतियों से दूर रहकर वैज्ञानिक तथ्यों पर भरोसा करने का आग्रह भी किया गया है।
एचपीवी एक सामान्य वायरस है, जिसके कुछ प्रकार महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण बनते हैं। यह संक्रमण लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर में मौजूद रह सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किशोरावस्था में लगाया गया एचपीवी टीका शरीर में वायरस के खिलाफ मजबूत प्रतिरोधक क्षमता विकसित करता है, जिससे भविष्य में कैंसर का खतरा काफी कम हो जाता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, एचपीवी वैक्सीन के लिए वही किशोरियां पात्र होंगी जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन पूरा कर लिया हो लेकिन अभी 15वां जन्मदिन नहीं मनाया हो। आयु सत्यापन के लिए आधार कार्ड, फोटो पहचान पत्र अथवा माता-पिता द्वारा हस्ताक्षरित शपथ पत्र मान्य किए गए हैं। इसके साथ ही फिजिकल कॉनसेंट फॉर्म एवं ऐज डिक्लरेशन फॉर्म भरना आवश्यक होगा।
स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव और वार्ड-वार्ड में लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चला रही है। आशा कार्यकर्ता, मितानिन और स्वास्थ्य कर्मचारी घर-घर जाकर अभिभावकों को टीके के महत्व की जानकारी दे रहे हैं। टीकाकरण केंद्रों में पहुंच रहे अभिभावकों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के जागरूकता अभियान के बाद अब वे इस वैक्सीन की उपयोगिता को समझ रहे हैं और अपनी बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए टीकाकरण को जरूरी मान रहे हैं।

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