
शशि मिश्रा

मुंगेली/लोरमी। जिले के लोरमी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम झाफल निवासी शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त लेखा अधिकारी दामोदर सिंह राजपूत की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि उनकी हत्या 3 लाख रुपए की सुपारी देकर कराई गई थी। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी संजय यादव ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने अपने साथी मुन्ना सिंह और एक अन्य युवक के साथ मिलकर दामोदर सिंह का अपहरण किया। इसके बाद देवसरा के जंगल में गमछे से गला दबाकर उनकी हत्या कर दी और शव को जमीन में दफना दिया। 28 मार्च को पुलिस ने पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया था, जिनमें संजय यादव की निशानदेही पर अगले दिन शव बरामद किया गया।
प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे जमीन विवाद को मुख्य वजह माना जा रहा है। पुलिस को संदेह है कि इस साजिश में मृतक के कुछ परिजन भी शामिल हो सकते हैं। पूरे मामले में सुनियोजित तरीके से हत्या की योजना बनाई गई थी।

गौरतलब है कि दामोदर सिंह राजपूत हाल ही में शिक्षा विभाग से लेखा अधिकारी पद से सेवानिवृत्त हुए थे और मुंगेली में किराए के मकान में रह रहे थे। 21 मार्च को वे अपने बड़े भाई बलबीर सिंह के बुलावे पर गांव झाफल जाने के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में ही लापता हो गए। अगले दिन परिजनों ने तलाश शुरू की, इसी दौरान ग्राम बंधवा के पास उनकी बाइक लावारिस हालत में मिली।
परिजनों की सूचना पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीमों ने लगातार खोजबीन कर मामले का खुलासा किया। फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे मामले की गहन जांच जारी है।
