

बिलासपुर। जिले सहित प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे हादसों को लेकर कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने श्रमिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस आंदोलन करेगी।
कोनी थाना क्षेत्र के नीरतू-घुटकु स्थित प्रवीण झा के फिल स्टील प्लांट में 28 मार्च को इंडक्शन फर्नेस फटने से 26 वर्षीय क्रेन ऑपरेटर आशुतोष कुमार गंभीर रूप से झुलस गए। बताया जा रहा है कि धुएं के कारण उनके फेफड़ों को भी नुकसान पहुंचा है और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। उनका इलाज एक निजी अस्पताल में जारी है।
मिश्रा ने कहा कि यह कोई एक घटना नहीं है, बल्कि बीते एक वर्ष में कई बड़े औद्योगिक हादसे सामने आए हैं। जनवरी 2026 में बलौदाबाजार-भाटापारा के एक प्लांट में फर्नेस ब्लास्ट से 6 श्रमिकों की मौत हुई थी। वहीं सितंबर 2025 में सिलतरा (रायपुर) और अक्टूबर 2025 में सक्ती पावर प्लांट में हुए हादसों में भी कई मजदूरों ने जान गंवाई। बिलासपुर में 23 दिसंबर 2025 को मित्तल फर्नीचर में आग लगने से दो मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि 10 मार्च को दगोरी स्थित नोवा स्पंज आयरन में गर्म लोहा गिरने से चार मजदूर झुलस गए थे।
उन्होंने बताया कि विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन वर्षों में 296 श्रमिकों की मौत और 248 घायल हुए हैं। प्रदेश में 7300 से अधिक फैक्ट्रियां संचालित हैं, जिनमें करीब 1000 खतरनाक श्रेणी की हैं। स्टील और पावर सेक्टर में हादसों की संख्या सबसे अधिक है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि केवल मुआवजा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हादसों के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस असंगठित कामगारों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेगी।
