

बिलासपुर के Bilasa Devi Kevat Airport से अब रात और खराब मौसम में भी उड़ानें संचालित हो सकेंगी। रविवार को यहां से पहली बार नाइट फ्लाइट टेकऑफ करेगी, जिसमें मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai रवाना होंगे और औपचारिक रूप से नाइट लैंडिंग सुविधा का शुभारंभ करेंगे।
एयरपोर्ट को हाल ही में 6 फरवरी 2026 को डीजीसीए द्वारा वीएफआर से अपग्रेड कर आईएफआर श्रेणी में नाइट लैंडिंग का लाइसेंस दिया गया है। इसके बाद से एयरपोर्ट प्रबंधन और जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा, तकनीकी और संचालन से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री की उड़ान का सटीक समय अभी तय नहीं किया गया है।
नोडल अधिकारी संदीप अग्रवाल के अनुसार, नाइट लैंडिंग सुविधा शुरू होने से यात्रियों को अब अधिक शहरों के लिए सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी और सुबह जल्दी उड़ानों के संचालन में भी सहूलियत होगी। यह सुविधा क्षेत्र के हवाई नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इधर, नाइट फ्लाइट की शुरुआत के बीच हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति ने एयरपोर्ट के रनवे विस्तार की मांग भी तेज कर दी है। समिति का कहना है कि बिलासपुर राज्य का दूसरा प्रमुख शहर होने के बावजूद यहां की हवाई सुविधाएं अपेक्षित स्तर तक विकसित नहीं हो पाई हैं।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि बिलासपुर में हाई कोर्ट, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन मुख्यालय, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) और केंद्रीय विश्वविद्यालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थान स्थित हैं, साथ ही आसपास एनटीपीसी सहित कई बड़े औद्योगिक संयंत्र भी हैं। इसके बावजूद हवाई सुविधा के मामले में शहर की तुलना अंबिकापुर और जगदलपुर से करना उचित नहीं है।
समिति ने स्पष्ट किया कि उन्हें अन्य शहरों के विकास से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन बिलासपुर की सुविधाओं को कम करके नहीं। उन्होंने कहा कि शहर के महत्व के अनुसार यहां हवाई सेवाओं का विस्तार जरूरी है।
समिति के अनुसार वर्तमान में एयरपोर्ट का रनवे लगभग 1500 मीटर लंबा है, जबकि बोइंग और एयरबस जैसे बड़े विमानों के संचालन के लिए कम से कम 2200 मीटर लंबाई आवश्यक है। ऐसे में रनवे विस्तार का कार्य जल्द शुरू करने की मांग की गई है।
धरना-प्रदर्शन के दौरान अनिल गुलहरे, बद्री यादव, ऋषिराज गौतम, मनोज श्रीवास और पारसराम केवट सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
नाइट फ्लाइट की शुरुआत से जहां बिलासपुर को नई हवाई सुविधा का लाभ मिलेगा, वहीं रनवे विस्तार की मांग से यह स्पष्ट है कि शहर अब बड़े स्तर की एयर कनेक्टिविटी की ओर कदम बढ़ाना चाहता है।
