सारे अधिकारी मौन, किसी ने नहीं दी घटना की जानकारी, सैकड़ों मुर्गियों की मौत, गुपचुप तरीके से दफनाई-जलाई गईं

शशि मिश्रा

सैकड़ों मुर्गियों पशुपालन विभाग के कोनी स्थित कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में रविवार को सैकड़ों मुर्गियों की अचानक मौत हो गई। मुर्गियों की मौत का कारण बीमारी, संक्रमण या फिर लापरवाही है? इस संबंध में प्रक्षेत्र में किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं दी गई। प्रक्षेत्र प्रभारी सहित पूरा स्टाफ मृत मुर्गियों को आग में जलाने एवं दफनाने में लगा रहा। प्रक्षेत्र के भीतर ही जेसीबी की मदद से दो बड़े-बड़े गड्ढे खोदे गए थे, जहां सैकड़ों मुर्गियों को दफनाया गया।

कोनी के कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में सोमवार को नजारा कुछ खास था। भीतर प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति से कुछ ज्यादा ही पूछताछ हो रही थी। इसके पीछे का कारण प्रक्षेत्र की सैकड़ों

मुर्गियों की मौत पर पर्दा डालना था। बीते दिनों प्रक्षेत्र में रखी गई सैकड़ों मुर्गियों की अचानक मौत हो गई, जिसे सोमवार की सुबह आनन-फानन में प्रक्षेत्र के भीतर ही जलाया और दफनाया गया। जेसीबी से दो बड़े-बड़े गड्ढे खोदे गए थे, जिसमें मुर्गियों को उड़ेलकर ऊपर से मिट्टी डालकर बराकर कर दिया गया। इसी तरह सैकड़ों मुर्गियों को आग के हवाले भी किया गया है।

पशुपालन विभाग के अनुसार जनवरी से मार्च के बीच लगभग हर साल वायरस आता ही है। अब भी इसी का प्रभाव हो सकता है। विभाग द्वारा कारणों का पता लगाने सैंपल भोपाल भेजा गया है। इसके बाद भी यह पता लगाया जा सकेगा कि मुर्गियों की मौत बीमारी, वायरस या फिर विभागीय लापरवाही से हुई है।

उन्होंने उस स्थान से यह कहते हुए तत्काल बाहर निकलने को कहा कि यह प्रक्षेत्र पूरी तरह प्रतिबंधित क्षेत्र है, जहां प्रवेश प्रतिबंधित है। प्रक्षेत्र प्रभारी इतने विचलित नजर आए कि बिना पूछे ही उन्होंने यह बताना शुरू कर दिया कि यहां जो भी हुआ है उसकी पूरी जानकारी उच्च्चाधिकारियों को दे दी गई है कुछ छिपाया नहीं गया है।

एंटी बायोटिक देने डॉक्टरों की टीम मौजूद, लेकिन सारे मौन

प्रक्षेत्र के भीतर जीवित मुर्गियों को एंटी बायोटिक देने के लिए डाक्टरों की टीम मौजूद थी। घटना, बीमारी या दी जाने वाली दवा के संबंध में पूछने पर किसी ने कोई जानकारी नहीं दी। केवल एक ही बात कही कि भीतर प्रक्षेत्र प्रभारी मौजूद हैं, वे ही जानकारी दे सकेंगे। प्रक्षेत्र के भीतर उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति के द्वारा बरती गई ऐसी गोपनीयता कई संदेहों को जन्म दे रही है।

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