
बिलासपुर। शहर में अमृत मिशन योजना की तकनीकी खामियां अब आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही हैं। खासकर गर्मी के मौसम में बार-बार आ रही दिक्कतों से जल संकट गहराता जा रहा है। ताजा मामला अशोक नगर का है, जहां मेन पाइप लाइन के मैकेनिकल जॉइंट में फिर से लीकेज होने के कारण मंगलवार शाम पानी सप्लाई बाधित रही और हजारों घरों में पानी नहीं पहुंच पाया।
जानकारी के अनुसार, करीब 20 दिन पहले ही कोलकाता से मंगाकर नया मैकेनिकल जॉइंट लगाया गया था, लेकिन इसमें दोबारा लीकेज शुरू हो गया। नगर निगम जल विभाग की टीम ने इंजीनियरों की मौजूदगी में देर शाम तक मरम्मत कार्य किया, जिससे शाम की जल आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित रही।
अमृत मिशन योजना के तहत खूंटाघाट से प्रतिदिन 35 एमएलडी पानी शहर की 22 टंकियों में सप्लाई किया जाता है, जिससे लगभग 40 हजार घरों को पानी मिलता है। लेकिन लगातार तकनीकी खराबियों के चलते यह व्यवस्था बार-बार बाधित हो रही है।
बार-बार आ रही तकनीकी खराबियां
अमृत मिशन में गड़बड़ियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा—
31 दिसंबर को बिरकोना वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का वाल्व अधिक प्रेशर से फट गया
11 जनवरी को ट्रायल के दौरान अशोक नगर में पाइप लाइन टूट गई
13 जनवरी को मैकेनिकल जॉइंट फट गया
26 फरवरी को नया जॉइंट लगाया गया
17 मार्च को फिर से लीकेज की समस्या सामने आई
हर बार मरम्मत और ट्रायल के बावजूद समस्या दोबारा सामने आ रही है, जिससे योजना की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा परेशानी
शहर के तोरवा, तारबाहर, चांटीडीह और पीटीएस क्षेत्र की पानी टंकियों को भरने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। ये पूरी तरह अमृत मिशन की सप्लाई पर निर्भर हैं। ऐसे में सप्लाई रुकते ही इन इलाकों में गंभीर जल संकट पैदा हो जाता है।
गर्मी में बढ़ी चिंता
गर्मी के मौसम में पानी की मांग बढ़ जाती है, लेकिन इसी समय बार-बार पाइप लाइन फटना, वाल्व खराब होना और लीकेज जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। इससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में जल संकट और गहरा सकता है। वहीं नगर निगम द्वारा मरम्मत कार्य जारी रखने और व्यवस्था सुधारने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
