

बिलासपुर के सकरी थाना क्षेत्र में मामूली विवाद के चलते एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जो घटना के बाद से फरार थे और बाहर भागने की फिराक में थे।
पुलिस के अनुसार, 14 मार्च 2026 को प्रार्थी कृष्णा कौशिक ने थाना सकरी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके बड़े भाई सतीश कौशिक की अज्ञात लोगों ने मारपीट कर हत्या कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपराध क्रमांक 254/2026 के तहत धारा 103(1), 3(5) बीएनएस में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान संदेह के आधार पर राकेश कौशिक उर्फ छोटू (38) और उसके भाई गणेश कौशिक (36) को आरोपी बनाया गया। दोनों घटना के बाद से फरार थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू की।
बीट आरक्षकों की मुस्तैदी से गिरफ्तारी
16 मार्च को सूचना मिली कि दोनों आरोपी ग्राम पांड क्षेत्र में छिपे हुए हैं। इस पर सकरी पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर ग्राम मेण्ड्रा से दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। इस कार्रवाई में बीट आरक्षक आशीष शर्मा, अफाक खान और अनुप नेताम की विशेष भूमिका रही।
शराब के नशे में हुआ विवाद बना हत्या की वजह
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना वाले दिन वे मृतक सतीश कौशिक के साथ शराब पीने सकरी शराब भट्टी गए थे। वहां से शराब और खाने का सामान लेकर वे सम्बलपुर क्षेत्र के खेत में पीपल पेड़ के पास पहुंचे और साथ बैठकर शराब पीने लगे।
इसी दौरान नशे में मृतक ने आरोपी गणेश और उसके परिवार को गाली-गलौज करना शुरू कर दिया। मना करने के बावजूद जब वह नहीं माना तो दोनों भाइयों ने मिलकर उसकी पिटाई कर दी। मारपीट के दौरान सतीश को पीपल के पेड़ के पास गिरा दिया, जिससे उसके सिर और मुंह में गंभीर चोट आई और उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद भागे, ससुराल में छिपे
घटना के बाद दोनों आरोपी मरही माता क्षेत्र भाग गए और फिर अपने ससुराल मेण्ड्रा में छिपकर बाहर भागने की योजना बना रहे थे, लेकिन पुलिस ने समय रहते उन्हें पकड़ लिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
निष्कर्ष:
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि शराब के नशे में छोटी-छोटी बातें भी घातक रूप ले सकती
