
शशि मिश्रा

बिलासपुर में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए शुरू किए गए विशेष टीकाकरण अभियान की शुरुआत बेहद धीमी रही। सोमवार को अभियान के पहले दिन पूरे जिले में मात्र एक किशोरी को ही गार्डसिल क्वाड्रिवैलेंट एचपीवी वैक्सीन लगाया गया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 16 मार्च से शुरू किए गए इस राष्ट्रीय अभियान के तहत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को टीका लगाया जाना है। लेकिन सोशल मीडिया, खासकर व्हाट्सएप और फेसबुक पर वैक्सीन को लेकर फैल रही भ्रामक जानकारियों के कारण लोगों में डर और भ्रम का माहौल बन गया है, जिससे टीकाकरण प्रभावित हो रहा है।
उम्र सीमा को लेकर भी असमंजस
डॉक्टरों के अनुसार यह टीका 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी और 15 वर्ष से कम आयु की किशोरियों को लगाया जाना है। लेकिन पात्रता को लेकर स्पष्ट जानकारी न होने से अभिभावकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
निजी अस्पतालों में महंगा, सरकारी में मुफ्त
जानकारी के मुताबिक, निजी अस्पतालों में इस वैक्सीन की कीमत 4 से 7 हजार रुपए तक होती है और दो डोज दिए जाते हैं। वहीं, राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत यह टीका सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क लगाया जा रहा है। इसके बावजूद लोगों की झिझक के चलते अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है।
जिला अस्पताल में जारी रहेगा टीकाकरण
जिला अस्पताल में रोजाना सुबह 9:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक टीकाकरण किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 30 कोल्ड चेन पॉइंट बनाए हैं और कुल 22,363 किशोरियों को टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है।
इसके लिए मितानिनों को प्रशिक्षण देकर उन्हें किशोरियों को जागरूक कर अस्पताल लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अपनी बेटियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए टीकाकरण जरूर कराएं।
