
शशि मिश्रा

बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र में नाबालिग युवकों की एक चौंकाने वाली साजिश सामने आई है, जहां महंगी कार खरीदने के लालच में दोस्तों ने अपने ही साथी से उसके घर का सोना चोरी करवा लिया। पुलिस ने इस मामले में खरीददारों सहित कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और चोरी गया पूरा सोना बरामद कर लिया है।
मामला रिटायर्ड सेना जवान सुशील कुमार शर्मा के परिवार से जुड़ा है। उनका बेटा, जो कक्षा 10वीं का छात्र है, अपने दोस्तों के बहकावे में आ गया। आरोपियों ने उसे Mahindra Thar खरीदने का सपना दिखाया और इसके लिए सभी से अपने-अपने घरों से सोना लाने की योजना बनाई।
दोस्तों ने पहले नकली सोना दिखाकर भरोसा जीता और फिर उसे घर से असली जेवर चोरी करने के लिए उकसाया। नाबालिग ने अलग-अलग समय में घर से करीब 15 से 17 तोला सोना और 200 ग्राम चांदी चोरी कर दोस्तों को दे दिया। आरोपियों ने इन जेवरों को करीब 7 लाख रुपए में गिरवी रखकर और बेचकर रकम जुटाई, लेकिन पैसे गाड़ी खरीदने के लिए पर्याप्त नहीं हुए और उन्होंने रकम खर्च कर दी।
इसके बाद आरोपी नाबालिग पर और सोना लाने के लिए दबाव बनाने लगे। मना करने पर उसे जान से मारने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जाने लगा। डरे हुए छात्र ने 14 मार्च को अपने पिता को पूरी घटना बताई, जिसके बाद सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
जांच के दौरान पुलिस ने नाबालिग आरोपियों से पूछताछ कर सोना खरीदने वालों तक पहुंच बनाई। जांच में सामने आया कि खुशबू अग्रवाल नामक महिला ने झांसे में आकर करीब 5 तोला सोना कम कीमत पर खरीदा था। इसके अलावा प्रियांशु देवेश सोनी और प्रियांशु सोनकर को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने जेवर खरीदने और बेचने में भूमिका निभाई।
सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 24 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को पकड़ लिया और उनके कब्जे से चोरी गया सोना-चांदी शत-प्रतिशत बरामद कर लिया।
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह मामला नाबालिगों में बढ़ती भौतिक लालसा और गलत संगति के खतरनाक परिणामों को उजागर करता है। महंगी जिंदगी के लालच में उठाया गया एक गलत कदम परिवार और भविष्य दोनों को संकट में डाल सकता है।
