आरएसएस शताब्दी वर्ष पर विहिप की प्रबुद्ध जन गोष्ठी, धर्मांतरण पर जताई चिंता, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक संरक्षण और संगठनात्मक एकता पर दिया गया जोर


बिलासपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विश्व हिन्दू परिषद द्वारा देवकीनंदन दीक्षित सभा भवन में प्रबुद्ध जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में धर्मांतरण, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक संरक्षण और संगठनात्मक एकता जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि धर्मांतरण के खिलाफ समाज का सजग और संगठित होना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में ‘धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम’ लागू करने की तैयारी चल रही है। यह कानून प्रत्येक व्यक्ति को अपनी आस्था के अनुसार धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता देता है, लेकिन प्रलोभन, दबाव या भ्रम फैलाकर किए जाने वाले अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने का उद्देश्य रखता है। उन्होंने कहा कि इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समाज की जागरूकता और सहभागिता जरूरी है।
कार्यक्रम में मंच पर संत शिरोमणि राम जोशी, कार्यक्रम अध्यक्ष शिव प्रसाद अग्रवाल तथा मुख्य अतिथि राम अवतार अग्रवाल उपस्थित रहे। संचालन प्रांत सह कोषाध्यक्ष संदीप गुप्ता ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन विहिप बिलासपुर अध्यक्ष सौमित्र गुप्ता ने किया।
धर्मांतरण को बताया सामाजिक संतुलन से जुड़ा विषय
अपने संबोधन में आलोक कुमार ने कहा कि धर्मांतरण केवल धार्मिक परिवर्तन का विषय नहीं है, बल्कि यह समाज की संरचना, सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय एकात्मता से भी जुड़ा हुआ संवेदनशील मुद्दा है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज के कमजोर वर्गों को प्रलोभन और दबाव के माध्यम से प्रभावित कर धर्मांतरण कराने की कोशिशें की जा रही हैं, जिसका दीर्घकालीन असर सामाजिक संतुलन पर पड़ सकता है।
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को अपनी परंपराओं, मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए संगठित होकर कार्य करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में समसामयिक सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में क्षेत्र सेवा प्रमुख भोपाल क्षेत्र मुनालाल पांडेय, प्रांत मंत्री पूर्णेन्द्र सिन्हा, प्रांत धर्माचार्य संपर्क प्रमुख राकेश महाराज, प्रांत सह मंत्री रवि ब्रम्हाचारी, प्रांत सह सेवा प्रमुख मनीष मोटवानी, दुर्गा वाहिनी प्रांत सह संयोजिका प्रीति दुबे तथा विभाग मंत्री राजीव शर्मा सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में उडिया, अहिरवार, सिक्ख, कान्यकुब्ज ब्राह्मण, भोई महरा, गंधर्व, सतनामी, छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण, कुशवाहा, बंगाली, सिंधी और स्वर्णकार समाज सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
चकरभाटा में भी हुई प्रबुद्ध जन संगोष्ठी
इसी क्रम में चकरभाटा स्थित श्री सिंधु अमरधाम आश्रम में भी प्रबुद्ध जन संगोष्ठी आयोजित की गई। यहां सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष विनोद मेघानी एवं वरुण साई ने अतिथियों का स्वागत किया।
आलोक कुमार ने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में समाज को अपनी शक्ति पहचानने और संगठित रहने की आवश्यकता है। उन्होंने नई पीढ़ी को धार्मिक और नैतिक शिक्षा से जोड़ने तथा सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान झूलेलाल मंदिर की ओर से प्रकाशित पत्रिका का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर डॉ. ललित मखीजा, सुरेश सिदारा और मनीष सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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