

बिलासपुर। बिलासपुर रेलवे स्टेशन में आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्लेटफॉर्म नंबर 1 और 6 स्थित स्टॉलों पर छापा मारकर चोरी के 6 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जब्त मोबाइलों की कीमत करीब 94 हजार रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई में एक मोबाइल चोर समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के अनुसार आरपीएफ को सूचना मिली थी कि प्लेटफॉर्म नंबर 1 के वीआईपी गेट के पास स्थित फूड प्लाजा सहित अन्य स्टॉलों पर चोरी के मोबाइल बेचे जा रहे हैं। सूचना के आधार पर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने शनिवार को स्टॉलों पर छापा मारकर वेंडरों से पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान वेंडरों ने पहले मोबाइल रखने से इनकार किया, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर दो-दो मोबाइल बरामद किए गए। जांच के दौरान चना बाड़ा जिला कोरापुट (ओडिशा) निवासी लेली खोसला को मोबाइल चोरी के आरोप में पकड़ा गया। उसकी निशानदेही पर वेंडर शैलेन्द्र सिंह निवासी भिंड (मध्यप्रदेश) और राजेश कुमार निवासी कौशांबी (उत्तर प्रदेश) के पास से भी मोबाइल फोन जब्त किए गए।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है।
वेंडिंग करते-करते शुरू की मोबाइल चोरी
जांच में पता चला है कि आरोपी लेली खोसला करीब छह महीने तक बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर वेंडिंग का काम कर चुका है। इस दौरान उसकी कई वेंडरों से पहचान हो गई थी। बाद में अपने गांव लौटते समय ट्रेनों में यात्रियों के मोबाइल हाथ लगने पर उसने चोरी करना शुरू कर दिया। इसके बाद वह ट्रेनों में मोबाइल चोरी कर अपने पुराने वेंडर साथियों को सस्ते दामों में बेचने लगा। पुलिस के अनुसार वह करीब डेढ़ साल से इस धंधे में सक्रिय था।
गांजा तस्करी से जुड़े होने की भी आशंका
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि ओडिशा क्षेत्र से आने वाले कुछ वेंडरों के माध्यम से ट्रेनों में गांजा तस्करी की भी आशंका है। पुलिस का कहना है कि ट्रेन में वेंडिंग करने वालों को आसानी से आवाजाही की सुविधा मिलती है, जिससे इस तरह की तस्करी करना आसान हो जाता है। फिलहाल पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है।
