विधानसभा में गूंजा अवैध रेत उत्खनन का मुद्दा, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने सरकार से मांगा जवाब


बिलासपुर जिले के कोटा विधानसभा क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और सड़क निर्माण में अनियमितताओं का मुद्दा विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाया गया। अटल श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि वन क्षेत्रों और पेशा एक्ट ग्रामों से बिना रॉयल्टी रेत निकालकर मध्यप्रदेश भेजी जा रही है, जबकि जिम्मेदार विभाग इस पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
विधानसभा में मुद्दा उठाते हुए कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने बताया कि कोटा क्षेत्र के आमागोहन, खोड़री, खोंगसय, करहीकछार, कोनचरा, जरगा, पकरिया, पीपरखुंटी, केंवची और ठाड़पथरा सहित कई वन क्षेत्र और पेशा एक्ट ग्रामों से रेत माफिया बिना रॉयल्टी पर्ची के अवैध उत्खनन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां से निकाली जा रही रेत को मध्यप्रदेश के बोंदर, करंजिया, अमरकंटक, डिंडौरी और गाढ़ासरई क्षेत्रों में भेजा जा रहा है।
विधायक ने आरोप लगाया कि राजस्व, वन और खनिज विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे रेत माफिया बेखौफ होकर अवैध कारोबार कर रहे हैं।
सड़क निर्माण में पहाड़ और जंगल की खुदाई का आरोप
विधानसभा में विधायक श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि रतनपुर से केंवची होते हुए जबलपुर तक बन रहे राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में ठेकेदार द्वारा अवैध रूप से पहाड़, जंगल और तालाब से मिट्टी व अन्य सामग्री की खुदाई की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती जा रही है और शिकायत करने पर ग्रामीणों के साथ दुर्व्यवहार कर उन्हें धमकाया भी जा रहा है।
सामुदायिक भवन का टेंडर एक साल से लंबित
कोटा विधायक ने मंडी निधि से स्वीकृत सामुदायिक भवन के निर्माण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि भवन के लिए तकनीकी और प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन एक साल बीतने के बाद भी टेंडर जारी नहीं किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि हर काम में इसी तरह देरी होगी तो विकास कार्य कैसे पूरे होंगे।


बिलासपुर से बेलगहना तक सक्रिय रेत माफिया
वहीं जमीनी स्तर पर भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। बिलासपुर से लेकर बेलगहना तक कई रेत घाटों में माफिया सक्रिय हैं और दिन-रात अवैध उत्खनन किया जा रहा है। कोनचरा और करहीकछार घाट से लगभग हर 10 मिनट में एक ट्रैक्टर रेत भरकर निकल रहा है। अधिकांश ट्रैक्टरों में वाहन नंबर तक नहीं लिखा है, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के कुछ दिनों को छोड़कर पूरे साल अवैध रेत उत्खनन होता है, लेकिन अधिकारियों द्वारा कार्रवाई नहीं की जाती। कई बार मजदूर ट्रैक्टर में रेत के ऊपर बैठकर आते-जाते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
खनिज विभाग की कार्रवाई, 11 वाहन जब्त
इधर खनिज विभाग ने अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन दिनों में 11 वाहनों को जब्त किया है। कलेक्टर के निर्देश पर 11, 12 और 13 मार्च को विभिन्न क्षेत्रों में जांच अभियान चलाया गया।
जांच के दौरान लारीपारा क्षेत्र से 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली, सेंदरी से 4 ट्रैक्टर-ट्रॉली और कोनी क्षेत्र से 1 हाइवा वाहन जब्त किया गया। वहीं जयरामनगर-मस्तूरी क्षेत्र से रेत का अवैध परिवहन करते 3 हाइवा और गिट्टी का अवैध परिवहन करते 1 हाइवा वाहन पकड़ा गया। सभी 11 वाहनों को कोनी थाना और जांच चौकी लावर की अभिरक्षा में रखा गया है।
प्रशासन का कहना है कि जिले में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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