

बिलासपुर के संभागीय स्तर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर में मरीजों की सुविधा बढ़ाने की दिशा में अहम पहल की गई है। अस्पताल में पिछले करीब 8 वर्षों से मरीजों के बेड नहीं बदले गए थे, जिसके कारण कई वार्डों में बेड जर्जर और खराब हालत में पहुंच गए थे। अब अस्पताल प्रबंधन ने 100 नए बेड मंगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार लंबे समय से उपयोग में आ रहे कई बेड खराब हो चुके हैं। कई बेड के पहिए जाम हो गए हैं, वहीं कई की रेलिंग और मैकेनिकल व्यवस्था भी कमजोर हो चुकी है। इससे मरीजों की देखभाल करने में अस्पताल स्टाफ को परेशानी होती थी और मरीजों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।
अस्पताल के डीन डॉ. रमेश मूर्ति और अधीक्षक डॉ. लखन सिंह की पहल पर नए बेड की मांग का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया था। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद अब अस्पताल के लिए 100 नए बेड मंगाए गए हैं। पुराने और जर्जर बेड को हटाकर उनकी जगह नए बेड लगाए जाएंगे।
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक नए बेड जरूरत के अनुसार अलग-अलग वार्डों में लगाए जाएंगे। इनमें आईसीयू, इमरजेंसी, सर्जिकल वार्ड, मेल वार्ड, फीमेल वार्ड सहित अन्य वार्ड शामिल हैं। इससे मरीजों को बेहतर सुविधा मिलने के साथ ही वार्डों की व्यवस्था भी सुधरेगी।
दरअसल सिम्स अस्पताल में बिलासपुर सहित आसपास के कई जिलों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। रोजाना ओपीडी में करीब 1500 से अधिक मरीज आते हैं, जबकि गंभीर मरीजों को अन्य जिलों से यहां रेफर किया जाता है। ऐसे में अस्पताल में मरीजों का दबाव काफी ज्यादा रहता है।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने बताया कि अस्पताल के कई बेड काफी पुराने हो चुके थे, इसलिए 100 नए बेड मंगाए गए हैं। जरूरत के अनुसार इन्हें अलग-अलग वार्डों में लगाया जाएगा, जिससे मरीजों को बेहतर और सुरक्षित सुविधा मिल सकेगी।
