

कोटा। थाना कोटा क्षेत्र अंतर्गत करगीखुर्द में फिल्मी अंदाज में ठगी और उगाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जीपीएम जिले में पदस्थ एक आरक्षक और पुलिस की गाड़ी चलाने वाले आउटसोर्स के पूर्व ड्राइवरों ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर एक युवक को उसके घर के सामने से उठाया, बंधक बनाकर डेढ़ लाख रुपये की फिरौती मांगी और आखिरकार 54 हजार रुपये वसूल कर फरार हो गए।
घटना 26 फरवरी की रात करीब 12:05 बजे की है। करगीखुर्द निवासी अभिषेक सिंह के घर के सामने सफेद रंग की स्कॉर्पियो-एन (सीजी 10-4800) और लाल रंग की स्विफ्ट (सीजी 10 बीडब्ल्यू 3926) आकर रुकी। कार से उतरे चार युवकों ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए घर के बाहर करीब 50 मिनट तक गाली-गलौज की और फोन कर अभिषेक को बाहर बुलाया।
जैसे ही अभिषेक बाहर आया, आरोपियों में शामिल योगेश पांडेय ने फोन पर बातचीत का दिखावा करते हुए उसे डराया और जबरन स्कॉर्पियो में बैठा लिया। गाड़ी को घर से करीब एक किलोमीटर दूर ले जाकर आरोपियों ने डेढ़ लाख रुपये की मांग की। उन्होंने धमकी दी कि पैसे नहीं देने पर गाड़ी में अवैध नशीला पदार्थ रखकर केस बना देंगे और उसे जेल भिजवा देंगे।
डरे-सहमे अभिषेक ने किसी तरह 54 हजार रुपये नकद आरोपियों को दे दिए, जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(7), 319(2), 296 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनमें पुलिस की गाड़ी चलाने वाले तीन पूर्व ड्राइवर शामिल हैं। वहीं, संबंधित आरक्षक फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश जारी है।
पटैता में भी पहुंचे वसूली करने
अभिषेक को छोड़ने के बाद आरोपी गिरोह कोरीपारा पटैता निवासी मनोज यादव के घर भी पहुंचा। वहां भी आरोपियों ने गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित ने फर्जी क्राइम ब्रांच कर्मी बनकर आने वाले योगेश पांडेय उर्फ भूरू, विनय साहू और देव बघेल की पहचान की है। पुलिस अन्य संलिप्त युवकों की तलाश में जुटी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
