

बिलासपुर। कलेक्ट्रेट में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आम नागरिकों की शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाया। राजस्व प्रकरणों में हो रही देरी और प्रमाण पत्र जारी करने में आ रही तकनीकी दिक्कतों को लेकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई।
कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता को अनावश्यक रूप से दफ्तरों के चक्कर कटवाना बंद किया जाए और लंबित आवेदनों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। जनदर्शन में नामांकन, सीमांकन, आवास तथा राशन कार्ड से जुड़े कई आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने सभी आवेदनों को विभागवार संबंधित अधिकारियों को भेजते हुए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन मामलों का निराकरण अब तक नहीं हो पाया है, उनकी कारण सहित विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करें।

6 माह से लंबित सीमांकन रिपोर्ट पर नाराजगी
लोफंदी निवासी तिजराम पटेल ने शिकायत की कि पटवारी और राजस्व निरीक्षक द्वारा सीमांकन कर रिपोर्ट छह माह पहले ही तहसील कार्यालय में जमा की जा चुकी है, लेकिन तहसीलदार कार्यालय द्वारा रिपोर्ट जारी नहीं की जा रही है। इस पर कलेक्टर ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए एसडीएम बिलासपुर को जांच कर नियमानुसार रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बच्चों का जाति प्रमाण पत्र अटका
बिल्हा के बिटकुली निवासी महादेव नेताम ने बताया कि स्वयं की भूमि नहीं होने के कारण उनके बच्चों का स्थायी जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि इसी आधार पर उनके चाचा के बेटों का प्रमाण पत्र बन चुका है, फिर उनके बच्चों को क्यों वंचित रखा जा रहा है।
इस विसंगति को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने एसडीएम बिल्हा को मामले की जांच कर नियमानुसार प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन में कलेक्टर ने दो टूक कहा कि लोगों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए और अनावश्यक देरी पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
