इस बारिश से अरपा बराज में रुकेगा पानी, मार्च तक दोनों घाटों का काम होगा पूरा, इंदिरा सेतु से लेकर रामसेतु के बीच नदी में किया जा रहा 12 फीट का गहरीकरण


बिलासपुर। शहर की जीवनदायिनी अरपा नदी पर निर्माणाधीन अरपा बराज परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस वर्ष बरसात से ही बराज में पानी रोके जाने की तैयारी है, जबकि पचरीघाट और शिवघाट दोनों का शेष कार्य मार्च तक पूर्ण कर लिया जाएगा।
करीब 120 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य अरपा नदी में वर्षभर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। हालांकि यह परियोजना दो वर्ष पूर्व पूरी हो जानी थी, लेकिन अतिरिक्त प्रस्तावों की मंजूरी में विलंब के कारण निर्माण कार्य में देरी हुई। अब काम तेज गति से चल रहा है और अधिकांश हिस्से पूरे हो चुके हैं।


दोनों घाटों में हो चुका है ट्रायल
जानकारी के अनुसार शिवघाट का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जबकि पचरीघाट का कार्य अंतिम चरण में है और मार्च तक इसके पूर्ण होने की संभावना है। दोनों स्थानों पर पानी रोकने का ट्रायल पहले ही किया जा चुका है। परीक्षण के दौरान किसी प्रकार की लीकेज की शिकायत सामने नहीं आई।
घाटों पर एप्रोच रोड भी बन चुकी है। बराज के पूर्ण रूप से चालू होने के बाद सेंदरी से शिवघाट, पचरीघाट से लेकर अरपा चेकडेम तक नदी में लबालब पानी भरा रहेगा। इससे शहर के गिरते भू-जल स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और गर्मी के दिनों में जल संकट की समस्या काफी हद तक कम हो सकेगी।


पर्यटन विकास को मिलेगा बढ़ावा
बराज परियोजना के साथ-साथ न्यू रिवर व्यू रोड क्षेत्र को पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। अटल स्मारक के पास शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और सिनेमा थिएटर के निर्माण की योजना है। इसके अलावा यहां नौकायन, याटिंग और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
पर्याप्त जलस्तर बनाए रखने के उद्देश्य से इंदिरा सेतु से रामसेतु के बीच नदी का गहरीकरण कार्य भी शुरू हो चुका है। दोनों पाटों के बीच लगभग 12 फीट तक खुदाई की जा रही है, ताकि वर्षभर पर्याप्त पानी उपलब्ध रहे और लोग नौकायन व तैरते रेस्टोरेंट का आनंद ले सकें।
अरपा बराज परियोजना के पूर्ण होने से न केवल जल संरक्षण को मजबूती मिलेगी, बल्कि शहर में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नया आयाम मिलने की उम्मीद है।

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