

देश में भले ही किरिष के गाने की धूम हो लेकिन मुंगेली में तो फिलहाल विनय का गीत चर्चाओ में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के तहत 10 सालों से भी अधिक अरसे से डोर टू डोर कचरा कलेक्शन हो रहा है । मोहल्ले में सुबह-सुबह पहुंचने वाली गाड़ी की पहचान कुछ गीत बन चुके हैं , जिनमें कच्चा पापड़- पक्का पापड़ से लेकर गाड़ी वाला आया घर से कचरा निकाल और स्वच्छ भारत का इरादा जैसे गीत मशहूर है, लेकिन मुंगेली के गांधीनगर वार्ड में आजकल एक अलग ही गीत सुनाई पड़ रहा है।

जिस तरह से हर देश का एक राष्ट्रगान और प्रदेश का भी एक प्रादेशिक गीत होता है शायद मुंगेली में अब वार्डों के अपने गीत होने लगे है। इसकी शुरुआत कांग्रेसी पार्षद विनय चोपड़ा ने किया है। अब चूंकि वे कांग्रेसी है तो जाहिर है उन्हें मोदी का गीत पसंद नहीं होगा, इसलिए उन्होंने अपने वार्ड के लिए अलग से एक स्वच्छता गीत बनवाया है, जो इन दिनों सुबह-सुबह पूरे वार्ड में गूंज रहा है।

हालांकि इस गीत में स्वच्छता का संदेश कम और अपने वार्ड का ही महिमामंडन अधिक सुनाई पड़ता है । गीत में आधे से अधिक समय तो केवल गांधी वार्ड- गांधी वार्ड सुनाई पड़ रहा है। बीच-बीच में सूखा- गीला कचरा की भी बात शामिल है। गीत मेलोडियस तो है लेकिन बहुत कैंची नहीं है कि लोगों की जुबान पर आसानी से चढ़ जाए लेकिन हो सकता है सुनते-सुनते यह भी मुमकिन हो ।

मुंगेली नगर पालिका गांधी वार्ड के पार्षद विनय चोपड़ा ने बातचीत में बताया कि अपने वार्ड में स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए उन्होंने यह पहल करते हुए अपने खर्चे पर यह विशेष गीत तैयार कराया है, जो लोगों की जुबान पर चढ़ चुका है। और अपने वार्ड में अपना गीत पाकर लोग स्वच्छता के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं । विनय चोपड़ा का दावा है कि उनके वार्ड में बजने वाले इस जागरूक गीत से सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और लोग साफ सफाई को लेकर पहले से अधिक सक्रिय नजर आ रहे हैं । वार्ड पार्षद विनय चोपड़ा का यह भी दावा है कि देशभर में अमूमन तीन चार गीत ही कचरा कलेक्शन गाड़ियों में बजते हैं लेकिन उनका वार्ड देश में ऐसा पहला वार्ड है जहां अपने लिए एक अलग गीत तैयार किया गया है। उनका दावा यह भी है कि इससे पहले बजने वाले गीत कानफोड़ू और कर्कश थे जो सुबह-सुबह लोगों की नींद में खलल डालते थे लेकिन उनका गीत बेहद सुमधुर है और सुबह-सुबह लोगों के कानों में रस घोलता है। उनका दावा है कि उनके गीत को लोग खूब पसंद कर रहे हैं और बच्चे इसे गुनगुनाते भी नजर आ रहे हैं ।
गीत में दावा किया जा रहा है कि मुंगेली का गांधीनगर वार्ड सबसे स्वच्छ वार्ड है। अब उनके इस दावे पर लोग कितना यकीन करते हैं यह अलग विषय है, लेकिन उनका यह गीत चर्चाओं में तो बेशक है ।
अब उनके इस पहल के बाद अन्य वार्डों में भी सुगबुगाहट जारी है और चर्चा है कि वहां के पार्षद भी अपने वार्ड के लिए इस तरह का अलग गीत बनाने की तैयारी कर रहे हैं।
मुंगेली में विनय चोपड़ा की यह पहल चर्चाओं में है तो वही सोशल मीडिया पर भी गीत के वीडियो और रील तेजी से वायरल हो रहे हैं। इससे पहले भी विनय चोपड़ा एल्डर मैन रहे हैं लेकिन पार्षद बनने के बाद उन्होंने अनोखी पहल की है। उनकी माने तो कैलाश खेर का गाया स्वच्छ भारत का इरादा लोगों को खास पसंद नहीं आ रहा था। वही कच्चा- पापड़, पक्का- पापड़ भी अपनी चमक खो चुका है। गाड़ी वाला आया घर से कचरा निकाल गीत को तो वे अपमानजनक मानते हैं। ऐसे में उनके द्वारा प्रस्तुत गीत की तारीफ स्वाभाविक है।
वैसे कचरा कलेक्शन गाड़ी में बजने वाले गीत का मकसद है कि लोग सुबह इस गीत को सुनकर अपने डस्टबिन लेकर कचरा कलेक्शन गाड़ी तक पहुंचे । हालांकि इसी गाड़ी के माध्यम से नगर पालिका के कई संदेश भी जनता तक पहुंचाने के कार्य होते रहे हैं । अब इसी गाड़ी के माध्यम से वार्ड पार्षद अपनी पीठ थपाते हुए अपना और वार्ड का भी प्रचार लगे हाथ कर रहे हैं। हालांकि हाल फिलहाल कोई चुनाव नहीं है लेकिन भारत ऐसा देश है जो हमेशा चुनाव मोड पर ही रहता है, इसलिए इसकी तैयारी भी सतत चलती रहती है, यानी यह कह सकते हैं कि विनय चोपड़ा एक तीर दो शिकार कर रहे हैं। लगे हाथ मोदी का गीत हटाकर अपना गीत चला दिया और इसी बहाने अपने वार्ड को सबसे साफ सुथरा बता कर अपना प्रचार भी कर लिया । अब अगर उनकी देखा देखी इसी तरह से सब अपना-अपना गीत बनाने लगे तो फिर राष्ट्रगान की तरह मुंगेली के वार्डो का भी अपना ही अलग- अलग एंथम तैयार हो जाएगा।

आम लोगों का कहना है कि अपना- अपना गीत बजाने की बजाय जोर स्वच्छता अभियान पर होना चाहिए। फिलहाल मुंगेली के वार्डों की स्वच्छता ऐसी नहीं है जिस पर लोग गर्व कर सके, हालांकि विनय चोपड़ा का गीत गांधी वार्ड- गांधी वार्ड चर्चा में तो है। वे इसे नवाचार बता रहे हैं , साथ ही दावा किया जा रहा है कि इससे लोगों में स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ी है, हालांकि गीत में बार-बार यह दावा भी है कि गांधी वार्ड मुंगेली का सबसे स्वच्छ वार्ड है, फिर भी गीत के माध्यम से लोगों को साफ सफाई, कचरा पृथक्करण और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का महत्वपूर्ण संदेश दिया जा रहा है। विनय चोपड़ा बताते हैं कि उन्होंने यह गीत दिल्ली से रिकॉर्ड करवाया है और इसमें अच्छा खासा खर्च भी हुआ है, लेकिन वार्ड की बेहतरी के लिए उन्होंने खुशी-खुशी यह प्रयोग किया है।
फिलहाल मुंगेली नगर पालिका परिषद में कांग्रेस की सरकार है इसलिए उनके इस प्रयोग को लेकर विवाद की स्थिति नहीं है। नहीं तो फिर यह पड़ताल होने लगती कि इसे लेकर नियम क्या है। क्या वार्ड के पार्षद अपनी मर्जी से अपना अलग गाना बजवा सकते हैं या फिर सरकार द्वारा अधिकृत गीत ही इसमें बजाए जाने चाहिए। कुछ लोगों का मानना है कि यह एक नकारात्मक पहल है। अगर वार्ड पार्षद इस तरह से मनमाने ढंग से अपने स्वच्छता वाहन में बजने वाले गीत के साथ प्रयोग करेंगे तो आने वाले दिनों में इन वाहनों का दुरुपयोग अपने निजी प्रचार प्रसार के लिए भी किया जा सकता है, इसलिए इस पर रोक होनी चाहिए। फिलहाल मामला विवादित तो नहीं लेकिन चर्चाओं में जरूर है।
