
शशि मिश्रा

बिलासपुर। शहर के चर्चित “महालक्ष्मी ज्वेलर्स” लूटकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने आयुध हथियार दिखाकर ज्वेलर्स संचालक पर पिस्टल की बट और हथौड़ी से प्राणघातक हमला कर करोड़ों की ज्वेलरी और कार लूट ली थी। बिलासपुर पुलिस की तकनीकी और लोकल इनपुट के आधार पर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से कुख्यात आरोपियों को दबोचा गया। पुलिस ने लूट की शत-प्रतिशत संपत्ति बरामद कर ली है।
यह कार्रवाई बिलासपुर पुलिस द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में की गई।


17 फरवरी की वारदात, अंधा मोड़ पर रची गई साजिश
मामला थाना सरकण्डा थाना क्षेत्र का है। 17 फरवरी 2026 की रात करीब 9:15 बजे महालक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक संतोष तिवारी दुकान बंद कर सोने के आभूषण अपनी रेनॉल्ट क्विड कार (CG 10 AH 7701) में रखकर राजकिशोर नगर स्थित घर जा रहे थे। अंधा मोड़ के पास एक मारुति ईको कार ने उनकी गाड़ी को टक्कर मारी।

जैसे ही वे नीचे उतरे, आरोपियों ने पिस्टल तान दी और पिस्टल की बट व हथौड़ी से सिर और शरीर पर ताबड़तोड़ वार कर घायल कर दिया। इसके बाद कार में रखे चार बैग—जिनमें करीब 2 किलो सोना, 200 ग्राम जेवर, 350 ग्राम कच्चा सोना, 100 ग्राम फाइन गोल्ड और ₹3.50 लाख नकद थे—लूटकर फरार हो गए।
बाद में आरोपी क्विड कार छोड़कर स्कॉर्पियो से अंबिकापुर की ओर भाग निकले।
हत्या की सुपारी, लूट की कई साजिशें
पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए। आरोपियों ने बताया कि प्रॉपर्टी विवाद के चलते दयालबंद निवासी बंधु मौर्य की हत्या की सुपारी 25 लाख रुपये में दी गई थी। 18 दिसंबर 2025 को हत्या और लूट का प्रयास किया गया, लेकिन योजना असफल रही।
इसके अलावा होटल कारोबारी “निटी” से हथियारबंद लूट की कोशिश और सदर बाजार लाइन में एक ज्वेलर्स की दुकान की तिजोरी तोड़ने की योजना का भी खुलासा हुआ।
मिर्जापुर (यू.पी.) से दबोचे गए आरोपी
तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और साइबर सेल की मदद से पुलिस को इनपुट मिला कि आरोपी बनारस रोड की ओर भागे हैं। इसके बाद टीम उत्तर प्रदेश रवाना हुई और थाना अहरौरा, जिला मिर्जापुर पुलिस के सहयोग से घेराबंदी कर चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:
विनोद उर्फ बिन्नु प्रजापति (अनूपपुर, म.प्र.)
करीम खान (बरेली, उ.प्र.)
विजय लांबा (पूर्वी दिल्ली)
मोनू उर्फ राहुल उर्फ गुडवा (नोएडा)
इरफान अली (सीपत, बिलासपुर)
नारद उर्फ सुमित श्रीवास (बिलासपुर)
राजू सोनकर (बिलासपुर)
क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से:
₹5.33 लाख नकद
1 देशी कट्टा व 1 जिंदा कारतूस
6 धारदार चाकू
6 मोबाइल फोन
1 मारुति ईको कार
1 रेनॉल्ट क्विड कार
1 महिंद्रा स्कॉर्पियो
जब्त किए हैं।

पुलिस टीम को इनाम की घोषणा
मामले की त्वरित जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और मशरूका बरामदगी में अहम भूमिका निभाने वाली टीम की सराहना रामगोपाल गर्ग (पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज) और रजनेश सिंह (डीआईजी व एसएसपी बिलासपुर) ने की है। टीम को नगद इनाम देने की घोषणा भी की गई है।
दर्ज अपराध
इस प्रकरण में लूट, हत्या की साजिश, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत बिलासपुर एवं मिर्जापुर (उ.प्र.) में अलग-अलग अपराध दर्ज किए गए हैं।

बिलासपुर में कारोबारी को निशाना बनाकर रची गई अंतरराज्यीय आपराधिक साजिश का पर्दाफाश कर पुलिस ने न केवल बड़ी लूट का खुलासा किया, बल्कि हत्या की सुपारी और अन्य वारदातों की साजिशों को भी विफल कर दिया। त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच से अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है।

