
यूनुस मेमन

बिलासपुर। नशे के खिलाफ कार्रवाई के बीच कोटा थाने से गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। गांजा बेचने वाले आरोपी के नाबालिग बेटे को कथित तौर पर 80 हजार रुपए लेकर छोड़ने के आरोप में एक हवलदार और एक आरक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले में थाना प्रभारी से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
500 ग्राम गांजा के साथ पकड़ा गया था नाबालिग
जानकारी के अनुसार शनिवार को कोटा पुलिस ने रानीसागर गांव में एक गांजा कारोबारी के 13 वर्षीय बेटे को पकड़ा था। उसके पास से करीब 500 ग्राम गांजा बरामद किया गया था। आरोप है कि विधिसम्मत कार्रवाई करने के बजाय पुलिसकर्मियों ने 80 हजार रुपए की मांग की।
बताया जा रहा है कि आरोपी ने गांव के एक व्यक्ति से कर्ज लेकर रुपए थाने पहुंचाए, जिसके बाद नाबालिग को गांजे सहित छोड़ दिया गया।
एसएसपी को लगी भनक, तत्काल कार्रवाई
रविवार सुबह मामले की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह को मिली। डीएसआर मीटिंग में उन्होंने थाना प्रभारी को फटकार लगाते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद हवलदार प्रकाश दुबे और आरक्षक सोमेश्वर को निलंबित कर दिया गया। थाना प्रभारी नरेश चौहान से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
आरोपी फरार, तलाश जारी
सूचना मिलते ही कोटा पुलिस आरोपी के घर पहुंची, लेकिन वह फरार हो चुका था। पुलिस अब उसका लोकेशन ट्रेस कर रही है। पूरे मामले में थाना प्रभारी, हवलदार और आरक्षक की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
अवैध शराब मामलों में भी शिकायतें
सूत्रों के अनुसार कोटा थाने में अवैध शराब कारोबारियों से भी वसूली की शिकायतें पहले सामने आ चुकी हैं। कुछ मामलों में वरिष्ठ अधिकारियों की फटकार के बाद वसूली की रकम लौटाने की नौबत आई थी।
एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार को संरक्षण देने वाले किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
