

बिलासपुर।
बिलासपुर एयरपोर्ट को नाइट लैंडिंग की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन यात्रियों को रात में विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ की सुविधा के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा। एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, नाइट लैंडिंग शुरू करने से पहले नोटम (NOTAM) जारी किया जाना जरूरी है, जिसके बिना रात में उड़ानों का संचालन संभव नहीं है। इस प्रक्रिया में करीब दो से तीन माह का समय लग सकता है।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि नोटम पब्लिश करने का प्रस्ताव डीजीसीए (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) को भेज दिया गया है। संभावना जताई जा रही है कि यह 42 दिनों का सुरक्षा नोटिस होगा। नोटम एक अनिवार्य कागजी और तकनीकी प्रक्रिया है, जिसके तहत यह स्पष्ट किया जाता है कि किस समयावधि में फ्लाइट ऑपरेशन की निगरानी होगी और नाइट लैंडिंग की सुविधा किस तारीख से प्रभावी मानी जाएगी।

मंजूरी मिलने के बाद अब एयरपोर्ट प्रशासन के सामने अगली बड़ी चुनौती वर्तमान कामचलाऊ व्यवस्थाओं को स्थायी और आधुनिक सुविधाओं में बदलना है। जब बिलासपुर एयरपोर्ट की शुरुआत हुई थी, तब न्यूनतम संचालन के लिए कई अस्थायी व्यवस्थाएं की गई थीं, लेकिन अब नाइट लैंडिंग जैसी सुविधा के लिए सभी तकनीकी और सुरक्षा इंतजामों को पूरी तरह दुरुस्त करना अनिवार्य हो गया है।
दो अतिरिक्त स्टाफ की जरूरत
नाइट लैंडिंग के संचालन के लिए एएआई (एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया) अधिकारियों ने दो अतिरिक्त स्टाफ की आवश्यकता बताई है। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल बिलासपुर एयरपोर्ट से उड़ानों की संख्या कम है, इसलिए दो अतिरिक्त स्टाफ पर्याप्त होंगे, जबकि सामान्य परिस्थितियों में नाइट ऑपरेशन के लिए कम से कम 10 स्टाफ की जरूरत होती है।
नाइट लैंडिंग शुरू होने के बाद एयरपोर्ट से संचालित उड़ानों में लोड पेनाल्टी की समस्या भी खत्म हो जाएगी। वर्तमान में गर्मी के मौसम में दोपहर की उड़ानों में अधिक तापमान के कारण विमानों में वजन कम करना पड़ता है, जिससे यात्रियों की संख्या सीमित करनी होती है। हालांकि सुबह, देर शाम और रात के समय तापमान अनुकूल होने से यह समस्या नहीं रहती।
टेक्निकल व्यवस्थाओं की डीजीसीए कर रही निगरानी
एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, तकनीकी व्यवस्थाओं को लेकर डीजीसीए लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है। इनमें एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) सेंटर भी शामिल है, जिसे एयरपोर्ट की शुरुआत के समय अस्थायी रूप से संचालित किया गया था। डीजीसीए ने एटीसी समेत अन्य तकनीकी हिस्सों को पूरी तरह दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं, ताकि नाइट लैंडिंग के दौरान किसी भी तरह की सुरक्षा चूक न हो।
कुल मिलाकर, नाइट लैंडिंग की मंजूरी के बाद भी बिलासपुर एयरपोर्ट पर रात की उड़ानों की सुविधा शुरू होने में अभी 2–3 महीने का समय लग सकता है। इस अवधि में नोटम जारी होने और सभी तकनीकी व सुरक्षा मानकों को पूरा करने पर ही यात्रियों को इसका लाभ मिल पाएगा।
