

बिलासपुर।
अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) में बीते साल दिसंबर में हुई फायरिंग और अवैध घुसपैठ के मामले में फरार चल रहे चौथे आरोपी को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। आरोपी लंबे समय से फरार है और अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
मामला अचानकमार टाइगर रिजर्व के सुरही वन परिक्षेत्र का है, जहां पिछले वर्ष दिसंबर माह में चार युवक बंदूक लेकर जबरन बैरियर तोड़ते हुए रिजर्व के भीतर घुस गए थे। आरोप है कि चारों युवक रातभर रिजर्व के अलग-अलग क्षेत्रों में घूमते रहे, इस दौरान उन्होंने फायरिंग की और आग भी जलाई, जिससे वन्यजीवों और जंगल की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया।
घटना के बाद एटीआर प्रबंधन और वन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए 2 जनवरी को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार युवकों के पास से दो बंदूकें जब्त की गई थीं, जबकि जांच के दौरान बाद में एक और बंदूक बरामद की गई। पकड़े गए तीनों युवक लोरमी क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
इसी मामले में कोरबा जिले का एक युवक चौथा आरोपी है, जो घटना के बाद से फरार चल रहा है। वन विभाग ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर छापेमारी की, लेकिन अब तक उसे पकड़ने में सफलता नहीं मिली है।
तीनों गिरफ्तार आरोपियों को 19 जनवरी को कोर्ट से जमानत मिल गई थी, जबकि फरार आरोपी को राहत नहीं मिली। अदालत ने उसे 27 जनवरी को कोर्ट में हाजिर होने के निर्देश दिए थे, लेकिन वह पेश नहीं हुआ। इसके बाद उसकी जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने फरारी को गंभीर मानते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एटीआर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की घटनाओं को गंभीर अपराध मानते हुए आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
