

बिलासपुर।
अमरकंटक–जलेश्वर रोड पर बीती रात नजर आया बाघ अब मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले की ओर बढ़ चुका है। वन विभाग के अनुसार बाघ की चाल और दिशा से साफ संकेत मिल रहे हैं कि उसने कान्हा नेशनल पार्क की राह पकड़ ली है। जिस दिशा में उसके पंजों के निशान मिले हैं, उससे यह संभावना जताई जा रही है कि यह बाघ कान्हा क्षेत्र का ही हो सकता है, जो प्राकृतिक भ्रमण के दौरान अलग-अलग वन क्षेत्रों से होकर गुजर रहा है।
मरवाही वन मंडल के डीएफओ ने बताया कि गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले के अंतर्गत जलेश्वर क्षेत्र में मुख्य सड़क पर बाघ को देखा गया था। उस समय सड़क पर वाहनों की आवाजाही होने के कारण बाघ कुछ घबराया हुआ नजर आया, लेकिन आसपास कोई गांव या आबादी नहीं होने की वजह से वह सड़क के किनारे-किनारे चलता रहा और जंगल की ओर बढ़ गया।
घटना की सूचना रात में ही मिलते ही वन विभाग हरकत में आ गया। रेंज अधिकारियों और मैदानी अमले को तत्काल सतर्क कर दिया गया और रात से ही बाघ की तलाश शुरू कर दी गई। हालांकि सुबह तक बाघ की सटीक लोकेशन नहीं मिल पाई, लेकिन उसके आगे बढ़ने की दिशा में डिंडोरी क्षेत्र में पंजों के निशान मिलने से यह स्पष्ट हो गया कि बाघ ने मध्यप्रदेश की ओर रुख कर लिया है।
पिछले साल भी दिखा था बाघिन का मूवमेंट
वन विभाग ने बताया कि पिछले वर्ष भी इस क्षेत्र में एक बाघिन का मूवमेंट देखा गया था। वह बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से निकलकर मरवाही, अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) और डिंडोरी क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर रही थी। कभी पेंड्रा, कभी अचानकमार, तो कभी खोंगसरा और बेलगहना के जंगलों में नजर आने के बाद वह जलेश्वर होते हुए डिंडोरी पहुंची थी। इसी तरह का पैटर्न इस बार भी देखने को मिल रहा है।
ग्रामीणों को किया गया सतर्क, मुनादी जारी
बाघ की मौजूदगी को देखते हुए पूरे क्षेत्र में मुनादी कराई गई है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की गई है। वन विभाग ने लोगों से कहा है कि शाम होने के बाद घरों से बाहर न निकलें, अकेले जंगल की ओर न जाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना वन अमले को दें। जब तक बाघ की सटीक लोकेशन नहीं मिल जाती, तब तक विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
वन विभाग लगातार बाघ की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और मैदानी अमला अलर्ट मोड पर तैनात है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
