

बिलासपुर। मरवाही वन मंडल के जंगल में दुर्लभ वन्यजीव हनी बैजर (रैटल) का जोड़ा देखे जाने से क्षेत्र में उत्सुकता का माहौल बन गया। यह दुर्लभ प्रजाति देश के बहुत ही सीमित क्षेत्रों में पाई जाती है, जिसके चलते इसकी मौजूदगी वन विभाग और ग्रामीणों दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही।
वन विभाग के अनुसार मरवाही वन मंडल के मरवाही रेंज अंतर्गत उसाड़ गांव में ग्रामीणों ने हनी बैजर के जोड़े को देखा। ग्रामीणों द्वारा मोबाइल से लिए गए फोटो और वीडियो के आधार पर इस दुर्लभ वन्यजीव की उपस्थिति की पुष्टि की गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और सुरक्षा के मद्देनज़र हनी बैजर के जोड़े को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर रवाना किया गया।
हनी बैजर अपनी असाधारण बहादुरी, आक्रामक स्वभाव और मजबूत त्वचा के लिए जाना जाता है। मधुमक्खियों के छत्तों से शहद निकालकर खाने की आदत के कारण इसे हनी बैजर कहा जाता है। आकार में अपेक्षाकृत छोटा होने के बावजूद यह बेहद निडर होता है और अपने से कई गुना बड़े वन्यप्राणियों से भी भिड़ जाता है। बताया जाता है कि इसके आक्रामक स्वभाव और प्रभावशाली आत्मरक्षा कौशल के कारण शेर, लकड़बग्घे और जहरीले सांप जैसे शिकारी भी इससे दूरी बनाए रखते हैं।
मरवाही वन मंडलाधिकारी ग्रीष्मी चांद ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी वन्यजीव के पास न जाएं और न ही उसे परेशान करें। यदि कहीं भी वन्यजीव दिखाई दे, तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष से बचाव किया जा सके।
दुर्लभ वन्यजीव की मौजूदगी से मरवाही क्षेत्र की जैव विविधता और समृद्ध वन्य जीवन की एक बार फिर पुष्टि हुई है।
