

बिलासपुर।
अब लोगों को राशन लेने के लिए दुकान के समय का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जल्द ही अनाज भी एटीएम से मिलने लगेगा। बिलासपुर में अनाज एटीएम लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है और इसके लिए उपयुक्त स्थानों की तलाश की जा रही है। यह एटीएम बैंक के एटीएम की तरह ही होगा, लेकिन इसमें नकदी की जगह चावल, गेहूं और दाल मिलेगी।
राशन कार्डधारक को कार्ड में निर्धारित मात्रा के अनुसार ही अनाज मिलेगा। इस तरह की व्यवस्था ओडिशा और बिहार जैसे राज्यों में पहले से लागू है। अब छत्तीसगढ़ में बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने की तैयारी की जा रही है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय ने इस संबंध में कलेक्टर बिलासपुर को पत्र भेजा है।
यह अनाज एटीएम विश्व खाद्य कार्यक्रम (वर्ल्ड फूड प्रोग्राम) के सहयोग से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत लगाए जाएंगे। इस व्यवस्था को अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम भी कहा जाता है। इसकी खास बात यह है कि लोग दिन-रात किसी भी समय अनाज प्राप्त कर सकेंगे। फिलहाल इसे शहरी क्षेत्र में लगाने की योजना है, बाद में अन्य क्षेत्रों में भी इसका विस्तार किया जा सकता है।
ऐसे करेगा काम अनाज एटीएम
अनाज एटीएम एक विशेष मशीन है, जिससे राशन कार्ड और बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से अनाज मिलेगा। इसे भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के सहयोग से विकसित किया है। यह मशीन बैंक एटीएम की तरह काम करती है, लेकिन नकद के स्थान पर चावल, गेहूं और दाल का वितरण करती है। देश का पहला ग्रेन एटीएम ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के मंचेश्वर में लगाया गया था।
अनाज एटीएम से होंगे ये फायदे
सभी के लिए आसान पहुंच – देश के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का राशन कार्डधारी अपनी पात्रता के अनुसार अनाज प्राप्त कर सकेगा।
तेज और पारदर्शी व्यवस्था – मात्र पांच मिनट में 50 किलोग्राम तक अनाज वितरण, जिससे प्रतीक्षा समय करीब 70 प्रतिशत तक कम होगा।
बहु-वस्तु वितरण – बायोमीट्रिक सत्यापन के बाद उच्च सटीकता के साथ चावल, गेहूं और दाल मिलेगी।
बिलासपुर में लाखों लोगों को मिलेगा लाभ
बिलासपुर शहर में वर्तमान में 163 राशन दुकानें संचालित हैं और यहां 1 लाख 50 हजार 765 राशन कार्ड हैं। इन कार्डों से जुड़े लगभग 4 लाख 84 हजार 851 लोग अनाज एटीएम से लाभान्वित होंगे। खास बात यह है कि देश के किसी भी राज्य का राशन कार्डधारी बिलासपुर में इस सुविधा का लाभ ले सकेगा।
अभी कई स्थानों पर उपभोक्ता अनाज लेने की बजाय राशन दुकान संचालक से नकद राशि ले लेते हैं, जबकि संचालक उनसे औने-पौने दाम पर अनाज खरीदकर खुले बाजार में महंगे दामों पर बेच देते हैं। आमतौर पर 35 किलो चावल के बदले उपभोक्ताओं को कभी 280 तो कभी 350 रुपये ही दिए जाते हैं, जबकि यही चावल बाजार में लगभग 30 रुपये प्रति किलो बिकता है। अनाज एटीएम की व्यवस्था से इस तरह के भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है।
