बैंक की नौकरी छोड़ बना गांजा तस्करी का मास्टरमाइंड, एमबीए पास पूर्व डिप्टी मैनेजर समेत चार आरोपी गए जेल


बिलासपुर। एमबीए की डिग्री और निजी बैंक में डिप्टी मैनेजर रह चुका युवक ओडिशा से गांजा लाकर छत्तीसगढ़ में खपाने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड निकला है। बेलगहना पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
एसडीओपी नुपूर उपाध्याय के अनुसार मुख्य आरोपी गजेंद्र कुमार खत्री राजस्थान का निवासी है, जो जयपुर के सांगानेर स्थित एक निजी बैंक में डिप्टी मैनेजर के पद पर कार्यरत रह चुका है। नौकरी छोड़ने के बाद उसने लोरमी में एक फोटो स्टूडियो खोला, जिसकी आड़ में वह गांजा तस्करी का कारोबार संचालित कर रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गजेंद्र खत्री पढ़ा-लिखा और बैंकिंग अनुभव वाला व्यक्ति है। एमबीए और बैंकिंग पृष्ठभूमि के कारण उसे लेन-देन, नेटवर्किंग और कैश मैनेजमेंट की अच्छी जानकारी थी, जिसका उपयोग उसने अवैध कारोबार को संगठित तरीके से चलाने में किया।
13 किलो गांजा, 8.41 लाख की जब्ती
बेलगहना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गुरुवार को ग्राम पंडरापथरा में घेराबंदी कर दो बाइकों पर सवार चार आरोपियों को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 13 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 6.50 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा नकद राशि, बाइक और अन्य सामग्री मिलाकर कुल 8.41 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई।
जेल से बनाया तस्करी नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक गजेंद्र खत्री वर्ष 2024 में एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में जेल जा चुका है। इसी दौरान उसका संपर्क ओडिशा के बलांगीर क्षेत्र के गांजा तस्करों से हुआ। जेल से रिहा होने के बाद उसने ओडिशा जाकर सप्लाई चेन तैयार की और धीरे-धीरे गांजा लाकर स्टॉक कर छत्तीसगढ़ में खपाने लगा।
खातों और संपत्तियों की जांच
पुलिस ने आरोपी के पास से एटीएम कार्ड भी बरामद किया है। अब चारों आरोपियों के बैंक खातों, लेन-देन और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और खुलासे हो सकते हैं।

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