

बिलासपुर।
शासकीय घास भूमि को निजी बताकर कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से बिक्री कर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले फरार आरोपी को सरकंडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले आठ माह से फरार था।
थाना सरकंडा में दर्ज अपराध क्रमांक 759/2025 व 760/2025 (धारा 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि) तथा अपराध क्रमांक 867/2025 (धारा 420, 34 भादवि) के तहत पुलिस को लंबे समय से आरोपी की तलाश थी।
गिरफ्तार आरोपी का नाम नदीम अहमद (33) पिता वसीम अहमद, निवासी टिकरापारा, पुराने हाईकोर्ट के पीछे, थाना सिटी कोतवाली, जिला बिलासपुर है।
ऐसे सामने आया मामला
प्रार्थी मोहम्मद आज़म खान, निवासी कुसमुंडा जिला कोरबा, ने 26 मई 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने वर्ष 2022 में ग्राम खमतराई की भूमि नदीम अहमद के माध्यम से मूलभूत स्वामी बताकर 18 लाख 75 हजार रुपये में खरीदी थी। पंजीयन के बाद नामांतरण के लिए आवेदन करने पर तहसील कार्यालय से जानकारी मिली कि उक्त भूमि शासकीय जंगल भूमि है, जिसकी खरीदी-बिक्री कलेक्टर की अनुमति के बिना नहीं हो सकती। इसके चलते नामांतरण निरस्त कर दिया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी नदीम अहमद ने अपने साथियों श्रेयांश कौशिक व विश्वनाथ राय के साथ मिलकर शासकीय भूमि के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर कई लोगों को बिक्री कर धोखाधड़ी की। इसी तरह अन्य पीड़ितों की शिकायत पर अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए।
गुप्त सूचना पर गिरफ्तारी
विवेचना के दौरान आरोपी फरार था। 21 जनवरी 2026 को सूचना मिली कि आरोपी अपने निवास पर आया हुआ है। इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (भापुसे) को दी गई, जिनके निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एसीसीयू) श्री अनुज कुमार व सीएसपी सिविल लाइन/सरकंडा श्री निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सरकंडा निरीक्षक प्रदीप आर्य के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को उसके निवास से पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि प्रकरण में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
