

बिलासपुर।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत यातायात पुलिस बिलासपुर और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से जिले की 233 स्कूल बसों का मैकेनिकल मुलाइजा और जांच अभियान चलाया। यह जांच बहतराई स्टेडियम परिसर में की गई, जिसमें बसों की तकनीकी स्थिति के साथ-साथ बस संचालकों, ड्राइवरों, कंडक्टरों और स्टाफ का स्वास्थ्य व नेत्र परीक्षण भी कराया गया।
जांच में 233 स्कूल बसों में से 140 बसें निर्धारित मापदंडों के अनुसार फिट पाई गईं, जबकि 93 बसों में विभिन्न प्रकार की कमियां सामने आईं। इनमें 18 बसें बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र, 37 बिना अग्निशमन यंत्र, 12 बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस/दस्तावेज, 2 बिना बीमा, 1 बिना फिटनेस, 3 बिना टैक्स, 10 बिना प्राथमिक उपचार पेटी, 3 बिना सीसीटीवी, 5 बसों के विंड ग्लास टूटे हुए तथा 2 बसों में सुरक्षा जाली नहीं पाई गई। इन सभी बस संचालकों को तीन दिनों के भीतर कमियां दूर कर बसों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस दौरान 233 चालकों, परिचालकों एवं बस स्टाफ का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें 26 लोग शुगर, 21 बीपी और 9 चर्म रोग से पीड़ित पाए गए। सभी को संबंधित चिकित्सकों से उपचार कराने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे और आरटीओ अधिकारियों ने बस संचालकों को चेतावनी दी कि यदि उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार बसों का संचालन नहीं किया गया, तो मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए वाहनों को ब्लैकलिस्ट करने और परमिट निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। जिन स्कूलों ने अपनी बसें जांच के लिए प्रस्तुत नहीं की हैं, वहां जाकर निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
