

वाराणसी। अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा और मंदिर को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए गए तोड़फोड़ के दावों की सच्चाई सामने आ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार शाम स्वयं वाराणसी पहुंचे और जिस प्रतिमा को बुलडोजर से तोड़े जाने का दावा किया जा रहा था, उस पर माल्यार्पण किया। मौके पर प्रतिमा पूरी तरह सुरक्षित पाई गई।
प्रतिमा के समीप स्थित मंदिर को लेकर भी तोड़फोड़ के आरोप लगाए जा रहे थे, जबकि जांच में मंदिर और उसकी सभी मूर्तियां पूर्णतः सुरक्षित और सही सलामत मिलीं। प्रशासन के अनुसार, सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाए गए भ्रामक वीडियो वायरल किए गए थे, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
इस मामले में एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि उसे महाराष्ट्र के आगामी चुनावों के मद्देनज़र अहिल्याबाई होल्कर की टूटी हुई प्रतिमा दिखाने वाले वीडियो तैयार करने के लिए कहा गया था। अभियुक्त के अनुसार, चूंकि अहिल्याबाई होल्कर मराठी समाज से जुड़ी ऐतिहासिक व्यक्तित्व हैं, इसलिए विपक्ष की मंशा इस मुद्दे के जरिए बीएमसी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को नुकसान पहुंचाने की थी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रामक वीडियो फैलाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयासों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
