
आकाश मिश्रा

बिलासपुर।
अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) के प्रतिबंधित कोर एरिया में घुसकर फायरिंग कर रील बनाने के मामले में कोर्ट ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। मुंगेली न्यायालय ने शुक्रवार को मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों की जमानत अर्जी दूसरी बार खारिज कर दी। इसके साथ ही कोर्ट ने तीनों की न्यायिक हिरासत 29 जनवरी तक बढ़ा दी है। चौथा आरोपी अभी भी फरार बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार एटीआर में फायरिंग कर वीडियो बनाने के आरोपी अजीतदास वैष्णव पिता स्व. रामकुमार दास वैष्णव (उम्र 26 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 02 राजाबाड़ा, लोरमी), विक्रांत वैष्णव पिता विजय दास वैष्णव (उम्र 36 वर्ष, निवासी ग्राम तुमडीबोड, पोस्ट तुमडीबोड, थाना तुमडीबोड, जिला राजनांदगांव) तथा अनिकेत मौर्य पिता सुनील मौर्य (उम्र 27 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 13, मुंगेली रोड, लोरमी) की ओर से मुंगेली कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की गई थी।
तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 2, 9, 27, 29 सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज है। इससे पहले 5 जनवरी को भी इनकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी थी। 16 जनवरी को रिमांड अवधि पूरी होने पर आरोपियों को दोबारा कोर्ट में पेश किया गया, जहां जमानत नहीं मिलने पर उन्हें फिर से जेल भेज दिया गया।
वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आया विभाग
बताया जा रहा है कि एटीआर के जंगल में घंटों तक फायरिंग और हुड़दंग होता रहा, लेकिन वन विभाग के मैदानी अमले को इसकी भनक तक नहीं लगी। जब फायरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तब जाकर विभागीय अधिकारी हरकत में आए। इसके बाद 2 जनवरी को वन विभाग की टीम ने दबिश देकर अजीतदास वैष्णव, विक्रांत वैष्णव और अनिकेत मौर्य को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के पास से दो बंदूकें और वाहन भी बरामद किए गए थे। हालांकि, घटना में शामिल उनका एक साथी अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
