

बिलासपुर | अमृत मिशन योजना के तहत शहर में शुद्ध पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बिरकोना स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) का चेंबर टूटने से 11 दिनों तक शहर की जलापूर्ति ठप रहने के बाद अब अशोक नगर इलाके में नई समस्या सामने आई है। यहां अमृत मिशन की मेन पाइपलाइन टूट जाने और कई स्थानों पर लीकेज होने से 22 पानी की टंकियों में सप्लाई पूरी तरह बंद हो गई है।
नगर निगम के अनुसार, वॉल्व की मरम्मत और नया चेंबर तैयार करने का काम पूरा कर लिया गया है, लेकिन मेन लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण पानी की सप्लाई दोबारा शुरू नहीं हो सकी। निगम का अमला मौके पर पहुंचकर मेन पाइपलाइन सुधारने और लीकेज दुरुस्त करने में जुटा हुआ है। अधिकारियों का दावा है कि मरम्मत कार्य में अभी एक दिन और लगेगा, जिसके बाद सोमवार से टंकियों के जरिए जलापूर्ति सामान्य होने की संभावना है।
अशोक नगर क्षेत्र में यह पहली बार नहीं है जब पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई हो। इससे पहले भी कई बार यहां लाइन टूट चुकी है। इस बार निगम द्वारा मरम्मत के साथ-साथ पाइपलाइन के पुराने और जर्जर हिस्सों को बदलने का काम भी किया जा रहा है, ताकि भविष्य में बार-बार ऐसी समस्या न आए।
अमृत मिशन की सप्लाई ठप होने के बाद नगर निगम ने राहत के तौर पर शहर में बंद पड़े 122 पावर पंपों को चालू किया है। हालांकि इसका लाभ केवल उन्हीं घरों को मिल पा रहा है, जहां सीधी सप्लाई की व्यवस्था है। टंकियों से पानी सप्लाई होने वाले इलाकों में हालात बेहद खराब हैं। पुराने और कमजोर पंपों के कारण टंकियां पूरी तरह नहीं भर पा रही हैं, जिससे लोगों को दिनभर में सिर्फ दो से चार बाल्टी पानी ही मिल पा रहा है।
अमृत मिशन योजना के तहत शहर के करीब 40 हजार घरों को जोड़ा गया है, जिनमें से लगभग 75 प्रतिशत घरों में अभी भी पानी की समस्या बनी हुई है। तालापारा, मगरपारा, कुम्हारपारा, व्यापार विहार, विनोबा नगर, भारतीय नगर, चांटीडीह और चिंगराजपारा जैसे इलाकों में पानी की भारी किल्लत है। कई परिवारों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है, तो कुछ लोग मजबूरी में पानी खरीदने को विवश हैं।
इस बीच नगर निगम ने दावा किया है कि मेन लाइन और लीकेज सुधारने का काम तेजी से किया जा रहा है और एक दिन में मरम्मत पूरी कर ली जाएगी। जल शाखा प्रभारी अनुपम तिवारी ने बताया कि अशोक नगर में मेन पाइपलाइन कई जगहों पर टूटी हुई थी, जिसे सुधारा जा रहा है। संभवतः सोमवार से पानी की सप्लाई फिर से शुरू हो सकेगी।
उल्लेखनीय है कि बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र में पेयजल योजनाओं पर पिछले 10 वर्षों में करीब 400 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद शहर के कई हिस्सों में बार-बार जल संकट की स्थिति बन रही है, जिससे आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
