

बिलासपुर।
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जिले में मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस दौरान जिले के हर 12वें मतदाता को बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) द्वारा नोटिस जारी किया जा रहा है। इन मतदाताओं को अपना मताधिकार सिद्ध करने के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।
चुनाव कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार 1 लाख 2 हजार 952 मतदाता ऐसे हैं, जिनका नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है और न ही उनके माता-पिता का नाम उस सूची में पाया गया। इसी कारण उन्होंने पहले कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया था। अब चुनाव आयोग के निर्देश पर इन मतदाताओं को दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस दिया जा रहा है। हालांकि जिन मतदाताओं ने पहले ही बीएलओ को निर्धारित 11 प्रकार के दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज जमा कर दिया है, उन्हें दोबारा दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी।
पहले चरण में 12.88 लाख फॉर्म डिजिटाइज
एसआईआर का पहला चरण 4 नवंबर से 18 दिसंबर तक चला। इस दौरान जिले के 16 लाख 75 हजार 751 मतदाताओं को गणना पत्रक अथवा फॉर्म वितरित किए गए थे। इनमें से 12 लाख 88 हजार 242 मतदाताओं के फॉर्म प्राप्त होने पर उनका डिजिटाइजेशन किया गया।
जांच के दौरान विभिन्न कारणों से बड़ी संख्या में नाम मतदाता सूची से हटाए गए। इनमें —
71 हजार 724 मतदाताओं की मृत्यु,
1 लाख 19 हजार 216 मतदाताओं का पता नहीं मिलने,
1 लाख 78 हजार 227 मतदाताओं के जिले से बाहर चले जाने,
15 हजार 697 मतदाताओं के एक से अधिक बूथों में नाम पाए जाने
के कारण उनके नाम सूची से काट दिए गए। कुल मिलाकर 3 लाख 87 हजार 538 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।
22 जनवरी तक जुड़वा सकते हैं नाम
ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद नाम जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी आई है। अब तक 13 दिनों में 4142 आवेदन नाम जुड़वाने के लिए प्राप्त हुए हैं, जबकि नाम हटाने से संबंधित केवल 14 आवेदन आए हैं। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती दिनों की तुलना में अब आवेदनों की संख्या बढ़ रही है।
चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 22 जनवरी तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने का अंतिम अवसर है। इसके बाद किसी भी प्रकार का दावा या आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासन ने पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे समय रहते आवश्यक दस्तावेज जमा कर अपना नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित कर लें।
