

बिलासपुर।
मोपका स्थित 220 केवी सब स्टेशन में मंगलवार दोपहर भीषण आग लगने से शहर की बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई। दोपहर करीब 2 बजे 160 एमवीए क्षमता वाले पावर ट्रांसफार्मर के इंसुलेटर के फटने से आग भड़क उठी, जिस पर रात करीब 9 बजे काबू पाया जा सका। हादसे में ट्रांसफार्मर पूरी तरह जल गया, जिससे लगभग 20 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इंसुलेटर के बर्स्ट होते ही आग की लपटें ट्रांसफार्मर की बुसिंग तक पहुंच गईं। बुसिंग के फटते ही बाहर रिस रहे ट्रांसफार्मर ऑयल ने आग पकड़ ली और कुछ ही मिनटों में पूरा ट्रांसफार्मर धू-धू कर जलने लगा। सब स्टेशन से उठता आग और धुएं का घना गुबार महाराणा प्रताप चौक, मंगला, सरकंडा सहित कई इलाकों से नजर आया।

धमाकों से दहशत, कर्मचारी बाहर भागे
आग लगने के दौरान सब स्टेशन परिसर में लगातार तीन तेज धमाकों की आवाज सुनाई दी, जिससे वहां मौजूद कर्मचारी घबरा गए और जान बचाकर बाहर की ओर भागे। कर्मचारियों ने तुरंत ट्रांसमिशन कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों और फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी।
प्रारंभिक जांच में बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 160 एमवीए ट्रांसफार्मर की ऑयल टैंक क्षमता करीब 100 किलोलीटर है। ऑयल भरते समय कुछ मात्रा ट्रांसफार्मर के आसपास गिरकर जमी रह गई थी। आशंका है कि इंसुलेटर से निकली चिंगारी बुसिंग के माध्यम से सीधे ऑयल तक पहुंच गई, जिससे आग तेजी से फैल गई।
आधे शहर की बिजली आपूर्ति ठप
घटना के चलते सरकंडा, राजकिशोर नगर, मोपका, तिफरा, सिलपहरी समेत आसपास के कई इलाकों में दोपहर 2 बजे से रात 9 बजे तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद रही। अचानक बिजली गुल होने से घरों, बाजारों, कोचिंग संस्थानों, छोटे उद्योगों और कार्यालयों का कामकाज ठप हो गया। बिजली नहीं होने से पानी सप्लाई की मोटरें भी बंद रहीं, जिससे लोगों को शाम के समय पानी की भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
फोम केमिकल की कमी पर सवाल
ट्रांसफार्मर ऑयल से लगी आग को केवल पानी से नहीं बुझाया जा सकता। इसके लिए फोम केमिकल के साथ हाई प्रेशर पानी की जरूरत होती है, ताकि ऑयल की सतह पर परत बनाकर आग को फैलने से रोका जा सके। आग बुझाने में करीब 35 टैंकर पानी और फोम केमिकल का उपयोग किया गया। इसके बावजूद हैरानी की बात यह रही कि इतने महत्वपूर्ण सब स्टेशन में बिजली विभाग के पास खुद का फोम केमिकल या एडवांस फायर फाइटिंग सिस्टम मौजूद नहीं था और पूरी तरह फायर ब्रिगेड पर निर्भर रहना पड़ा। यह स्थिति सिरगिट्टी हादसे के बाद भी सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े करती है।
नुकसान का आकलन जारी
ट्रांसमिशन कंपनी के एमडी राजेन्द्र शुक्ला ने बताया कि सब स्टेशन में आग से एक पावर ट्रांसफार्मर पूरी तरह जल गया है। वैकल्पिक लाइन के जरिए धीरे-धीरे सभी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल की जा रही है। आग से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।
फिलहाल आग पर काबू पाने से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इस घटना ने बिजली विभाग की सुरक्षा तैयारियों और आपात प्रबंधन पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
