
शशि मिश्रा

बिलासपुर।
सकरी क्षेत्र के मिडिल स्कूल में सोमवार को आवारा कुत्ते के आतंक से अफरा-तफरी मच गई। स्कूल परिसर में घुसे एक बेकाबू कुत्ते ने एक के बाद एक कई मासूम बच्चों पर हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। घटना में तीन स्कूली बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें सिम्स में भर्ती कराया गया है, जबकि एक अन्य बच्चे का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, स्कूल में नियमित कक्षाएं संचालित हो रही थीं, तभी अचानक एक आवारा कुत्ता परिसर में घुस आया। सबसे पहले कक्षा आठवीं की छात्रा मोना यादव (पिता नवल यादव) को निशाना बनाते हुए कुत्ते ने उसके पैर में दांत गड़ा दिए। इसके बाद कुत्ते ने यादव मोहल्ला निवासी तमन्ना साहू और सूरज सहित अन्य बच्चों पर भी हमला कर दिया। इस दौरान गांव नवदा से मामा के घर आए एक स्कूली बच्चे को भी कुत्ते ने काटकर घायल कर दिया।
घटना के दौरान स्कूल में चीख-पुकार मच गई। शिक्षकों ने साहस दिखाते हुए बड़ी मुश्किल से बच्चों को कुत्ते से बचाया और तुरंत परिजनों व प्रशासन को सूचना दी। घायल बच्चों को तत्काल इलाज के लिए सिम्स पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
सिम्स में रोजाना 40 से अधिक मरीज ले रहे रेबिज इंजेक्शन
सिम्स में प्रतिदिन 40 से अधिक मरीजों को रेबिज का इंजेक्शन लगाया जा रहा है। इनमें करीब 15 नियमित मरीज होते हैं, जबकि 25 से अधिक नए मामले रोज सामने आ रहे हैं। इस सीजन में कुत्तों के अचानक आक्रामक होने से काटने की घटनाओं में तेजी आई है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
खमतराई स्कूल में हाल ही में इसी तरह की घटना सामने आई थी, जहां कुत्ते के हमले में एक शिक्षिका के पैर का मांस तक निकल गया था, जिसके बाद उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। लगातार हो रही इन घटनाओं से स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने स्कूल परिसर और आसपास से आवारा कुत्तों को हटाने तथा स्थायी समाधान की मांग की है। वहीं, इस मामले में स्कूल प्रबंधन और प्रशासन पर लापरवाही के आरोप भी लग रहे हैं।
