महिला आरक्षक से अभद्रता के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी, जुलूस निकालकर कराया गया सार्वजनिक माफीनामा

रायगढ़ |

शशि मिश्रा


छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान महिला आरक्षक के साथ हुई शर्मनाक और अमानवीय घटना के मुख्य आरोपी चित्रसेन साव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का हेमू कॉलोनी चौक से चक्रधर नगर थाना तक जुलूस निकाला। इस दौरान आरोपी के गले में जूते-चप्पलों की माला पहनाई गई और वह रास्ते भर कान पकड़कर माफी मांगता नजर आया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना रहा।
आरोपी की गिरफ्तारी पर महिला पुलिसकर्मियों ने अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराते हुए केक काटे और पटाखे फोड़े। महिला बल का कहना है कि यह कार्रवाई न केवल पीड़िता के लिए बल्कि पूरे पुलिस बल के मनोबल के लिए महत्वपूर्ण है।
अब तक छह आरोपी जेल में, एक फरार
पुलिस के अनुसार इस घटना में कुल सात आरोपी शामिल थे। इससे पहले पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। घटना के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी चित्रसेन साव की आज गिरफ्तारी के साथ अब कुल छह आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
वायरल वीडियो से फैला आक्रोश
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे प्रदेश में आक्रोश फैल गया था। वायरल वीडियो में साफ देखा गया कि उग्र भीड़ ने महिला कांस्टेबल को दौड़ाकर खेत में गिरा दिया और उसके साथ अभद्रता करने का प्रयास किया। महिला आरक्षक रोते हुए और अपने कपड़े संभालते हुए भीड़ से छोड़ने की गुहार लगाती रही, लेकिन उपद्रवियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। सरेआम महिला पुलिसकर्मी के साथ की गई इस हरकत को लेकर लोगों में गहरी नाराजगी देखी गई।
एसपी का बयान— कोई दोषी नहीं बचेगा
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन तत्काल हरकत में आया। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े सभी वीडियो फुटेज और साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है और इसमें शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। महिला पुलिसकर्मी के साथ की गई यह घटना पूरी तरह अक्षम्य है।
कोयला खदान विरोध के दौरान भड़की थी हिंसा
जानकारी के अनुसार तमनार क्षेत्र में जेपीएल कोयला खदान सेक्टर-1 के विरोध में 14 गांवों के ग्रामीण 12 दिसंबर से धरने पर बैठे थे। 27 दिसंबर को लिबरा चौक पर हजारों की संख्या में लोग प्रदर्शन कर रहे थे, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया था।
जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और हटाने का प्रयास किया तो अचानक स्थिति बिगड़ गई। कुछ उपद्रवी तत्वों ने पुलिस के साथ झूमाझटकी शुरू कर दी, जिसके बाद हिंसा भड़क उठी। इस दौरान एसडीओपी और तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उपद्रवियों द्वारा पुलिस वाहनों में आगजनी की घटनाएं भी सामने आई थीं।
कड़ी कार्रवाई की मांग
महिला आरक्षक के साथ हुई बर्बर घटना को लेकर प्रदेशभर में कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है। पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि कानून के दायरे में रहकर सभी दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!